Correct Answer:
Option B - वर्षामापी के प्रकार- वर्षामापी मुख्यत: दो प्रकार के होते है।
1. रिकार्डिंग वर्षामापी
2. नॉन रिकॉर्डिंग वर्षामापी
1. रिकार्डिंग वर्षामापी(Recording Rain gauge): इस प्रकार के वर्षामापी को स्वत:अभिलेखी या आटोमेटिक वर्षामापी भी कहा जाता है। इस प्रकार के वर्षामापी में वर्षा को मापने के लिए किसी भी प्रकार की बोतल नहीं होती है। यह मुख्यत: तीन प्रकार के होते हैं-
1. टिपिंग बकेट वर्षामापी
2. तुला प्रकार का वर्षामापी
3. प्लव प्रकार का वर्षामापी
2. साइमन वर्षामापी(Symon rain gauge)- साइमन वर्षामापी एक प्रकार का नॉन रिकार्डिंग वर्षामापी होता है। जिसका व्यास 127 mm तक होता हैं। इस वर्षामापी का उपयोग केवल वर्षा एकत्र करने के लिए किया जाता है लेकिन वर्षा तीव्रता का मापन नही किया जाता है।
B. वर्षामापी के प्रकार- वर्षामापी मुख्यत: दो प्रकार के होते है।
1. रिकार्डिंग वर्षामापी
2. नॉन रिकॉर्डिंग वर्षामापी
1. रिकार्डिंग वर्षामापी(Recording Rain gauge): इस प्रकार के वर्षामापी को स्वत:अभिलेखी या आटोमेटिक वर्षामापी भी कहा जाता है। इस प्रकार के वर्षामापी में वर्षा को मापने के लिए किसी भी प्रकार की बोतल नहीं होती है। यह मुख्यत: तीन प्रकार के होते हैं-
1. टिपिंग बकेट वर्षामापी
2. तुला प्रकार का वर्षामापी
3. प्लव प्रकार का वर्षामापी
2. साइमन वर्षामापी(Symon rain gauge)- साइमन वर्षामापी एक प्रकार का नॉन रिकार्डिंग वर्षामापी होता है। जिसका व्यास 127 mm तक होता हैं। इस वर्षामापी का उपयोग केवल वर्षा एकत्र करने के लिए किया जाता है लेकिन वर्षा तीव्रता का मापन नही किया जाता है।