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Q: The hydraulic methods of flood routing use बाढ़ मार्ग के हाइड्रोलिक तरीको का उपयोग
  • A. Continuity equation/सातत्य समीकरण
  • B. Continuity and momentum equation सातत्य और संवेग समीकरण
  • C. Energy equation/ऊर्जा समीकरण
  • D. Continuity and Energy equation सातत्य और ऊर्जा समीकरण
Correct Answer: Option A - बाढ़ मार्ग एक या अधिक अनुप्रवाह खण्डो पर बाढ प्रवाह के डेटा का उपयोग करके नदी के एक खण्ड पर बाढ़ हाइड्रोग्राफ निर्धारित करने की तकनीक है। बाढ पुर्वानुमान, बाढ़ सुरक्षा जलाशय अभिकल्पन जैसी समस्याओं का जल वैज्ञानिक विश्लेषण बाढ मार्ग को शामिल करता है, उन्हें मोटे तौर पर दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। i. हाइड्रोलॉजिक मार्ग ii. हाइड्रोलिक मार्ग (i) हाइड्रोलॉजिक मार्ग (Hydrologic routing) :- यह अनिवार्य रूप से सातत्य के समीकरण को मापता है। (ii) हाइड्रोलिक मार्ग (Hydraulic routing) :- यह विधियाँ अस्थिर प्रवाह (unsteady flow) की गति के समीकरण के साथ सातत्य समीकरण को नियोजित करती है। इसे सेंट वेनेन्ट समीकरण के नाम से भी जाना जाता है।
A. बाढ़ मार्ग एक या अधिक अनुप्रवाह खण्डो पर बाढ प्रवाह के डेटा का उपयोग करके नदी के एक खण्ड पर बाढ़ हाइड्रोग्राफ निर्धारित करने की तकनीक है। बाढ पुर्वानुमान, बाढ़ सुरक्षा जलाशय अभिकल्पन जैसी समस्याओं का जल वैज्ञानिक विश्लेषण बाढ मार्ग को शामिल करता है, उन्हें मोटे तौर पर दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। i. हाइड्रोलॉजिक मार्ग ii. हाइड्रोलिक मार्ग (i) हाइड्रोलॉजिक मार्ग (Hydrologic routing) :- यह अनिवार्य रूप से सातत्य के समीकरण को मापता है। (ii) हाइड्रोलिक मार्ग (Hydraulic routing) :- यह विधियाँ अस्थिर प्रवाह (unsteady flow) की गति के समीकरण के साथ सातत्य समीकरण को नियोजित करती है। इसे सेंट वेनेन्ट समीकरण के नाम से भी जाना जाता है।

Explanations:

बाढ़ मार्ग एक या अधिक अनुप्रवाह खण्डो पर बाढ प्रवाह के डेटा का उपयोग करके नदी के एक खण्ड पर बाढ़ हाइड्रोग्राफ निर्धारित करने की तकनीक है। बाढ पुर्वानुमान, बाढ़ सुरक्षा जलाशय अभिकल्पन जैसी समस्याओं का जल वैज्ञानिक विश्लेषण बाढ मार्ग को शामिल करता है, उन्हें मोटे तौर पर दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। i. हाइड्रोलॉजिक मार्ग ii. हाइड्रोलिक मार्ग (i) हाइड्रोलॉजिक मार्ग (Hydrologic routing) :- यह अनिवार्य रूप से सातत्य के समीकरण को मापता है। (ii) हाइड्रोलिक मार्ग (Hydraulic routing) :- यह विधियाँ अस्थिर प्रवाह (unsteady flow) की गति के समीकरण के साथ सातत्य समीकरण को नियोजित करती है। इसे सेंट वेनेन्ट समीकरण के नाम से भी जाना जाता है।