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Q: Assertion (A) : IPv6 was introduced to replace IPv4. Reason (R) : IPv4 could not provide enough IP addresses to accommodate the growth of the Internet.
  • A. Both Assertion (A) and Reason (R) are true, but Reason (R) is not the correct explanation of the Assertion (A)./अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • B. Assertion (A) is true, but Reason (R) is false./अभिकथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
  • C. Assertion (A) is true, but Reason (R) is true./अभिकथन (A) गलत है, पंरतु कारण (R) सही है।
  • D. Both Assertion (A) and Reason (R) are true and Reason (R) is the correct explanation of the Assertion (A)./अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
  • E. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option D - अभिकथन (A) और कारण (R) दोनो सही है और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है। • IPV₆ को वास्तव में IPV₄ को बदलने के लिए बनाया गया था। • केवल लगभग 4.3 बिलियन अद्वितीय आइपी (IP) पते प्रदान करता है, जो इंटरनेट के विशाल विकास और कनेक्टेड उपकरणों (स्मार्टफोन, IOT डिवाइस आदि) की संख्या के लिए अपर्याप्त साबित हुआ। • IPV₄ एड्रेस की कमी ही मुख्य कारण था जिसने IPV₆ के विकास और कार्यान्वयन को प्रेरित किया, जो कहीं अधिक संख्या में अद्वितीय आईपी (IP) पते प्रदान करता है।
D. अभिकथन (A) और कारण (R) दोनो सही है और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है। • IPV₆ को वास्तव में IPV₄ को बदलने के लिए बनाया गया था। • केवल लगभग 4.3 बिलियन अद्वितीय आइपी (IP) पते प्रदान करता है, जो इंटरनेट के विशाल विकास और कनेक्टेड उपकरणों (स्मार्टफोन, IOT डिवाइस आदि) की संख्या के लिए अपर्याप्त साबित हुआ। • IPV₄ एड्रेस की कमी ही मुख्य कारण था जिसने IPV₆ के विकास और कार्यान्वयन को प्रेरित किया, जो कहीं अधिक संख्या में अद्वितीय आईपी (IP) पते प्रदान करता है।

Explanations:

अभिकथन (A) और कारण (R) दोनो सही है और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है। • IPV₆ को वास्तव में IPV₄ को बदलने के लिए बनाया गया था। • केवल लगभग 4.3 बिलियन अद्वितीय आइपी (IP) पते प्रदान करता है, जो इंटरनेट के विशाल विकास और कनेक्टेड उपकरणों (स्मार्टफोन, IOT डिवाइस आदि) की संख्या के लिए अपर्याप्त साबित हुआ। • IPV₄ एड्रेस की कमी ही मुख्य कारण था जिसने IPV₆ के विकास और कार्यान्वयन को प्रेरित किया, जो कहीं अधिक संख्या में अद्वितीय आईपी (IP) पते प्रदान करता है।