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Q: Which of the following district does not have Baiga Development Agency ?/निम्नलिखित में से किस जिले में बैगा विकास अभिकरण नहीं है?
  • A. Mandla/मण्डला
  • B. Shahdol/शहडोल
  • C. Raisen/रायसेन
  • D. Balaghat/बालाघाट
Correct Answer: Option C - मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बैगा विकास प्राधिकरण का गठन नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के चिह्नांकित क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातियों हेतु योजनाओं को बनाने, क्रियान्वयन, अनुश्रवण व मूल्यांकन हेतु गवर्निंग बॉडी के गठन का प्रावधान है, जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के सदस्यों को ही अध्यक्ष एवं संचालक मण्डल के सदस्यों के रूप में शासन स्तर से दो वर्षों के लिए मनोनीत किया जाता है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातियों से संबंधित विकास प्राधिकरण का प्रावधान है। ध्यातव्य है कि बैगा आदिवासी मध्य प्रदेश के मुख्यत: तीन जिलों- मण्डला, शहडोल एवं बालाघाट में सर्वाधिक पाए जाते हैं। इसलिए यहां बैगा विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है।
C. मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बैगा विकास प्राधिकरण का गठन नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के चिह्नांकित क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातियों हेतु योजनाओं को बनाने, क्रियान्वयन, अनुश्रवण व मूल्यांकन हेतु गवर्निंग बॉडी के गठन का प्रावधान है, जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के सदस्यों को ही अध्यक्ष एवं संचालक मण्डल के सदस्यों के रूप में शासन स्तर से दो वर्षों के लिए मनोनीत किया जाता है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातियों से संबंधित विकास प्राधिकरण का प्रावधान है। ध्यातव्य है कि बैगा आदिवासी मध्य प्रदेश के मुख्यत: तीन जिलों- मण्डला, शहडोल एवं बालाघाट में सर्वाधिक पाए जाते हैं। इसलिए यहां बैगा विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है।

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मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बैगा विकास प्राधिकरण का गठन नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के चिह्नांकित क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातियों हेतु योजनाओं को बनाने, क्रियान्वयन, अनुश्रवण व मूल्यांकन हेतु गवर्निंग बॉडी के गठन का प्रावधान है, जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के सदस्यों को ही अध्यक्ष एवं संचालक मण्डल के सदस्यों के रूप में शासन स्तर से दो वर्षों के लिए मनोनीत किया जाता है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातियों से संबंधित विकास प्राधिकरण का प्रावधान है। ध्यातव्य है कि बैगा आदिवासी मध्य प्रदेश के मुख्यत: तीन जिलों- मण्डला, शहडोल एवं बालाघाट में सर्वाधिक पाए जाते हैं। इसलिए यहां बैगा विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है।