Correct Answer:
Option B - पैडोमीटर (pedometer) – पैेडोमीटर यंत्र भी पैसोमीटर की भाँति होता है, परन्तु इसमें दूरी कदमो में न दर्शा कर सीधी मीटर में आ जाती है।
यह ऊर्ध्वाधर दूरियों को मापने का सबसे अच्छा उपकरण है।
ओडोमीटर (Odometer)– ओडोमीटर का प्रयोग तय की गयी दूरी ज्ञात करने के लिये किया जाता है। यह पहिये के चक्करो की संख्या को गिन करके तय की गई दूरी को बताता है।
कदम गिनकर (pacing)– दो बिन्दुओं के मध्य मोटे तौर पर दूरी ज्ञात करने के लिये उनके बीच सामान्य चाल से सीधे चलते हुये और कदम गिनते जाते है। अब इन कदमों की संख्या को, एक कदम की औसत लम्बाई से गुणा करके, दोनों बिन्दुओं के मध्य अनुमानित दूरी निकाल लेते है। एक सामान्य मनुष्य से एक कदम की औसत दूरी 75 से 80 सेमी. ली जाती है।
कदममापी (passometer)– यह जेब घड़ी से मिलता-जुलता यंत्र होता है, जिसे सर्वेक्षक अपनी टांगो से बांध लेता है। सर्वेक्षक के चलने पर कदमो की संख्या यंत्र के डायल पर आ जाती है, जिसे एक कदम की अनुमानित लम्बाई से गुणा करके दूरी ज्ञात कर ली जाती है।
B. पैडोमीटर (pedometer) – पैेडोमीटर यंत्र भी पैसोमीटर की भाँति होता है, परन्तु इसमें दूरी कदमो में न दर्शा कर सीधी मीटर में आ जाती है।
यह ऊर्ध्वाधर दूरियों को मापने का सबसे अच्छा उपकरण है।
ओडोमीटर (Odometer)– ओडोमीटर का प्रयोग तय की गयी दूरी ज्ञात करने के लिये किया जाता है। यह पहिये के चक्करो की संख्या को गिन करके तय की गई दूरी को बताता है।
कदम गिनकर (pacing)– दो बिन्दुओं के मध्य मोटे तौर पर दूरी ज्ञात करने के लिये उनके बीच सामान्य चाल से सीधे चलते हुये और कदम गिनते जाते है। अब इन कदमों की संख्या को, एक कदम की औसत लम्बाई से गुणा करके, दोनों बिन्दुओं के मध्य अनुमानित दूरी निकाल लेते है। एक सामान्य मनुष्य से एक कदम की औसत दूरी 75 से 80 सेमी. ली जाती है।
कदममापी (passometer)– यह जेब घड़ी से मिलता-जुलता यंत्र होता है, जिसे सर्वेक्षक अपनी टांगो से बांध लेता है। सर्वेक्षक के चलने पर कदमो की संख्या यंत्र के डायल पर आ जाती है, जिसे एक कदम की अनुमानित लम्बाई से गुणा करके दूरी ज्ञात कर ली जाती है।