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Q: अमीनो अम्ल जिनका संश्लेषण शरीर नहीं कर सकता, वे.............अमीनो अम्ल कहलाते हैं।
  • A. गैर-आवश्यक
  • B. आवश्यक
  • C. आंशिक
  • D. साधारण
Correct Answer: Option B - अमीनो अम्ल जिनका संश्लेषण शरीर नहीं कर सकता, वे आवश्यक (Essential) अमीनो अम्ल कहलाते है। अब तक कुल 20 प्रकार के अमीनो अम्ल का पता चल सका है जो हमारे भोजन एवं शरीर में पाये जाते है। इनमें 10 अमीनो अम्ल ऐसे होते है जो हमारे शरीर में पाये जाते है। इनमें 10 अमीनो अम्ल ऐसे होते है जो हमारे शरीर के वृद्धि एवं विकास के लिए अत्यन्त ही महत्वपूर्ण होते है। ये आवश्यक अमीनो अम्ल कहलाते है। इन्हे भोजन द्वारा लेना आवश्यक होता है क्योंकि इनके बिना शरीर की वृद्धि एवं विकास अवरूद्ध हो जाता है। इनका निर्माण हमारे शरीर में नहीं होता है। इनकी कमी से शरीर की विकास रूक जाती है क्योंकि शरीर में न तो नये कोशिकाओं का निर्माण ही हो पाता है और न ही क्षतिग्रस्त कोशिकाओं एवं तन्तुओं की मरम्मत हो पाती है।
B. अमीनो अम्ल जिनका संश्लेषण शरीर नहीं कर सकता, वे आवश्यक (Essential) अमीनो अम्ल कहलाते है। अब तक कुल 20 प्रकार के अमीनो अम्ल का पता चल सका है जो हमारे भोजन एवं शरीर में पाये जाते है। इनमें 10 अमीनो अम्ल ऐसे होते है जो हमारे शरीर में पाये जाते है। इनमें 10 अमीनो अम्ल ऐसे होते है जो हमारे शरीर के वृद्धि एवं विकास के लिए अत्यन्त ही महत्वपूर्ण होते है। ये आवश्यक अमीनो अम्ल कहलाते है। इन्हे भोजन द्वारा लेना आवश्यक होता है क्योंकि इनके बिना शरीर की वृद्धि एवं विकास अवरूद्ध हो जाता है। इनका निर्माण हमारे शरीर में नहीं होता है। इनकी कमी से शरीर की विकास रूक जाती है क्योंकि शरीर में न तो नये कोशिकाओं का निर्माण ही हो पाता है और न ही क्षतिग्रस्त कोशिकाओं एवं तन्तुओं की मरम्मत हो पाती है।

Explanations:

अमीनो अम्ल जिनका संश्लेषण शरीर नहीं कर सकता, वे आवश्यक (Essential) अमीनो अम्ल कहलाते है। अब तक कुल 20 प्रकार के अमीनो अम्ल का पता चल सका है जो हमारे भोजन एवं शरीर में पाये जाते है। इनमें 10 अमीनो अम्ल ऐसे होते है जो हमारे शरीर में पाये जाते है। इनमें 10 अमीनो अम्ल ऐसे होते है जो हमारे शरीर के वृद्धि एवं विकास के लिए अत्यन्त ही महत्वपूर्ण होते है। ये आवश्यक अमीनो अम्ल कहलाते है। इन्हे भोजन द्वारा लेना आवश्यक होता है क्योंकि इनके बिना शरीर की वृद्धि एवं विकास अवरूद्ध हो जाता है। इनका निर्माण हमारे शरीर में नहीं होता है। इनकी कमी से शरीर की विकास रूक जाती है क्योंकि शरीर में न तो नये कोशिकाओं का निर्माण ही हो पाता है और न ही क्षतिग्रस्त कोशिकाओं एवं तन्तुओं की मरम्मत हो पाती है।