Correct Answer:
Option A - एक पतले लेंस में, लेंस का एपर्चर (द्वारक) उसकी वक्रता त्रिज्या से बहुत छोटा माना जाता है। अर्थात् एपर्चर (द्वारक) लेंस की सतह की वक्रता त्रिज्या से काफी कम होता है।
A. एक पतले लेंस में, लेंस का एपर्चर (द्वारक) उसकी वक्रता त्रिज्या से बहुत छोटा माना जाता है। अर्थात् एपर्चर (द्वारक) लेंस की सतह की वक्रता त्रिज्या से काफी कम होता है।