Correct Answer:
Option A - आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने आधुनिककाल के दो निबंधकारों बालकृष्ण भट्ट और प्रतापनारायण मिश्र को क्रमश: ‘स्टील’ और ‘एडीसन’ कहा है। बालकृष्ण भट्ट के प्रमुख निबंध निम्नवत् हैं- 1- चन्द्रोदय, 2- संसार महानाटकशाला, 3- इंगलिश पढ़े तो बाबू होय, (4) आत्मनिर्भरता, (5) कल्पना, (6) मेला-ठेला, (7) माता का स्नेह, (8) कालचक्र का चक्कर, (9) प्रतिभा, (10) माधुर्य, (11) आशा, (12) आत्मगौरव, (13) रुचि, (14) भिक्षा-वृत्ति इत्यादि।
प्रताप नारायण मिश्र मूलत: आत्मव्यंजक निबंधकार हैं। इनके प्रमुख निबंध निम्नवत् हैं- धोखा, दाँत, बालक, वृद्ध, आप, बात, खुशामद, भौं, नारी, मनोयोग, मुच्छ, परीक्षा, समझदार की मौत, ह,द, नास्तिक, ईश्वर की मूर्ति, जुआ, इत्यादि।
A. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने आधुनिककाल के दो निबंधकारों बालकृष्ण भट्ट और प्रतापनारायण मिश्र को क्रमश: ‘स्टील’ और ‘एडीसन’ कहा है। बालकृष्ण भट्ट के प्रमुख निबंध निम्नवत् हैं- 1- चन्द्रोदय, 2- संसार महानाटकशाला, 3- इंगलिश पढ़े तो बाबू होय, (4) आत्मनिर्भरता, (5) कल्पना, (6) मेला-ठेला, (7) माता का स्नेह, (8) कालचक्र का चक्कर, (9) प्रतिभा, (10) माधुर्य, (11) आशा, (12) आत्मगौरव, (13) रुचि, (14) भिक्षा-वृत्ति इत्यादि।
प्रताप नारायण मिश्र मूलत: आत्मव्यंजक निबंधकार हैं। इनके प्रमुख निबंध निम्नवत् हैं- धोखा, दाँत, बालक, वृद्ध, आप, बात, खुशामद, भौं, नारी, मनोयोग, मुच्छ, परीक्षा, समझदार की मौत, ह,द, नास्तिक, ईश्वर की मूर्ति, जुआ, इत्यादि।