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Q: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए– कथन (A) : परि-प्रशांत मेखला सुनामी का अति संवेदनशील क्षेत्र है। कारण (R) : यह मेखला विवर्तनिकी दृष्टि से अति सक्रिय क्षेत्र है और विश्व के प्रमुख भूकंपों का स्रोत है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए– कूट :
  • A. (A) तथा (R) दोनों सही हैं और (A) का सही स्पष्टीकरण (R) है।
  • B. (A) तथा (R) दोनों सही हैं किन्तु (A) का सही स्पष्टीकरण (R) नहीं है।
  • C. (A) सही है, किन्तु (R) गलत है।
  • D. (A) गलत है, किन्तु (R) सही है।
Correct Answer: Option A - सुनामी जापानी भाषा का एक शब्द है जिसका अर्थ है तट पर आती समुद्री लहरें। ये वस्तुत: बहुत लंबी व कम कंपन वाली समुद्री लहरें हैं जो महासागरीय भूकम्पों के प्रभाव से महासागरों में उत्पन्न होती हैं। सुनामी लहरों के साथ जल की सम्पूर्ण गहराई तक जाती है, इसलिए ये अत्यधिक प्रलयकारी होती हैं। सुनामी लहरों की दृष्टि से प्रशांत महासागर सबसे खतरनाक स्थिति में है। महासागरीय प्लेटों के अभिसरण क्षेत्र में ये सर्वाधिक शक्तिशाली होती हैं। परि-प्रशांत मेखला विवर्तनिकी दृष्टि से अति सक्रिय क्षेत्र है और विश्व के प्रमुख भूकम्पों का स्रोत है।
A. सुनामी जापानी भाषा का एक शब्द है जिसका अर्थ है तट पर आती समुद्री लहरें। ये वस्तुत: बहुत लंबी व कम कंपन वाली समुद्री लहरें हैं जो महासागरीय भूकम्पों के प्रभाव से महासागरों में उत्पन्न होती हैं। सुनामी लहरों के साथ जल की सम्पूर्ण गहराई तक जाती है, इसलिए ये अत्यधिक प्रलयकारी होती हैं। सुनामी लहरों की दृष्टि से प्रशांत महासागर सबसे खतरनाक स्थिति में है। महासागरीय प्लेटों के अभिसरण क्षेत्र में ये सर्वाधिक शक्तिशाली होती हैं। परि-प्रशांत मेखला विवर्तनिकी दृष्टि से अति सक्रिय क्षेत्र है और विश्व के प्रमुख भूकम्पों का स्रोत है।

Explanations:

सुनामी जापानी भाषा का एक शब्द है जिसका अर्थ है तट पर आती समुद्री लहरें। ये वस्तुत: बहुत लंबी व कम कंपन वाली समुद्री लहरें हैं जो महासागरीय भूकम्पों के प्रभाव से महासागरों में उत्पन्न होती हैं। सुनामी लहरों के साथ जल की सम्पूर्ण गहराई तक जाती है, इसलिए ये अत्यधिक प्रलयकारी होती हैं। सुनामी लहरों की दृष्टि से प्रशांत महासागर सबसे खतरनाक स्थिति में है। महासागरीय प्लेटों के अभिसरण क्षेत्र में ये सर्वाधिक शक्तिशाली होती हैं। परि-प्रशांत मेखला विवर्तनिकी दृष्टि से अति सक्रिय क्षेत्र है और विश्व के प्रमुख भूकम्पों का स्रोत है।