Correct Answer:
Option D - ‘अभिधा उत्तम काव्य है, मध्य लक्षणा लीन, अधम व्यंजना रस विरस, उल्टी कहत नवीन’–यह उक्ति ‘देव’ की है। देव रीतिकालीन रीतिबद्ध कवि हैं। इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं– भावविलास, भवानीविलास, काव्य रसायन, जाति विलास, देवमायाप्रपंच, रसविलास, रागरत्नाकर, सुखसागर तरंग आदि।
D. ‘अभिधा उत्तम काव्य है, मध्य लक्षणा लीन, अधम व्यंजना रस विरस, उल्टी कहत नवीन’–यह उक्ति ‘देव’ की है। देव रीतिकालीन रीतिबद्ध कवि हैं। इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं– भावविलास, भवानीविलास, काव्य रसायन, जाति विलास, देवमायाप्रपंच, रसविलास, रागरत्नाकर, सुखसागर तरंग आदि।