Correct Answer:
Option B - भूमि की उर्वरता को टिकाऊ बनाए रखते हुए सतत फसल उत्पादन के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने प्रकृतिपदत्त जीवाणुओं को पहचानकर उनसे विभिन्न प्रकार के पर्यावरण हितैशी उर्वरक तैयार किए जाते हैं। जिन्हें हम जैविक उर्वरक कहते हैं। जैसे–माइकोरिजल फंगी, ब्लू-ग्रीन शैवाल, राइजोबियम, एजोटोबैक्टर आदि।
B. भूमि की उर्वरता को टिकाऊ बनाए रखते हुए सतत फसल उत्पादन के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने प्रकृतिपदत्त जीवाणुओं को पहचानकर उनसे विभिन्न प्रकार के पर्यावरण हितैशी उर्वरक तैयार किए जाते हैं। जिन्हें हम जैविक उर्वरक कहते हैं। जैसे–माइकोरिजल फंगी, ब्लू-ग्रीन शैवाल, राइजोबियम, एजोटोबैक्टर आदि।