Correct Answer:
Option C - फिरोजशाह तुगलक के शासन काल को ‘ग्रामीण समृद्धि एवं खुशहाली’ का काल माना जाता है, उसने अपने कई मानवतावादी कदम उठाया। उसने चोरी आदि के संदर्भ में हाथ-पैर-नाक काट लेने संबन्धी अमानवीय दंड बंद करा दिया। बरनी के अनुसार, ‘‘फिरोज ने सियासत (मृत्युदंड) पर निषेध कर दिया जो उसके शासन में स्थिरता लाने का सबसे बड़ा कारण था।’’ उसने घोषणा की - ‘‘बिना किसी उचित कारण के किसी भी मुसलमान का रक्त नही बहाया जायेगा।’’ फिरोज के अनुसार, ‘‘राज्य का काम केवल दंड देना एवं कर वसूलना ही नही है। बल्कि वह एक कल्याणकारी संस्था है।
C. फिरोजशाह तुगलक के शासन काल को ‘ग्रामीण समृद्धि एवं खुशहाली’ का काल माना जाता है, उसने अपने कई मानवतावादी कदम उठाया। उसने चोरी आदि के संदर्भ में हाथ-पैर-नाक काट लेने संबन्धी अमानवीय दंड बंद करा दिया। बरनी के अनुसार, ‘‘फिरोज ने सियासत (मृत्युदंड) पर निषेध कर दिया जो उसके शासन में स्थिरता लाने का सबसे बड़ा कारण था।’’ उसने घोषणा की - ‘‘बिना किसी उचित कारण के किसी भी मुसलमान का रक्त नही बहाया जायेगा।’’ फिरोज के अनुसार, ‘‘राज्य का काम केवल दंड देना एवं कर वसूलना ही नही है। बल्कि वह एक कल्याणकारी संस्था है।