Correct Answer:
Option D - उपर्युक्त तीनों ही विकल्प (I) (II) (III) का संयोजन पाँच महाभूत पदार्थों के बारे में सभी में उपस्थित होते है। हिन्दू धर्म में प्रकृति की हर एक सजीव व निर्जीव वस्तु की उत्पत्ति के बारे में व्यक्ति को बताया जाता है। सभी वस्तुएँ मुख्यतया केवल 5 तत्वों से मिलकर बनी होती है जिन्हें प्रकृति के पाँच तत्व कहते हैं। अंत में सभी वस्तुएँ इन्हीं पाँच तत्वों में समा जाती है फिर चाहे वह मानव शरीर हो या किसी जानवर का या फिर कोई निर्जीव वस्तु या पेड़-पौधे। इन पाँच तत्वों के नाम हैं– आकाश, पृथ्वी, जल, वायु व अग्नि। इन्हीं पाँच तत्वों से मिलकर ही हर चीज का निर्माण होता है किन्तु हर वस्तुओं में इनकी मात्रा भिन्न-भिन्न होती है।
D. उपर्युक्त तीनों ही विकल्प (I) (II) (III) का संयोजन पाँच महाभूत पदार्थों के बारे में सभी में उपस्थित होते है। हिन्दू धर्म में प्रकृति की हर एक सजीव व निर्जीव वस्तु की उत्पत्ति के बारे में व्यक्ति को बताया जाता है। सभी वस्तुएँ मुख्यतया केवल 5 तत्वों से मिलकर बनी होती है जिन्हें प्रकृति के पाँच तत्व कहते हैं। अंत में सभी वस्तुएँ इन्हीं पाँच तत्वों में समा जाती है फिर चाहे वह मानव शरीर हो या किसी जानवर का या फिर कोई निर्जीव वस्तु या पेड़-पौधे। इन पाँच तत्वों के नाम हैं– आकाश, पृथ्वी, जल, वायु व अग्नि। इन्हीं पाँच तत्वों से मिलकर ही हर चीज का निर्माण होता है किन्तु हर वस्तुओं में इनकी मात्रा भिन्न-भिन्न होती है।