Correct Answer:
Option B - कीन्स ने ‘स्फीतिक अंतराल’ की अवधारणा की व्याख्या अपनी पुस्तक ‘हाऊ टू पे फॉर द वार’ (How To Pay for the war) में की। स्फीतिक अंतराल समाज की संभावित प्रभावपूर्ण मांग तथा स्थिर कीमतों पर उपलब्ध उत्पादन की कीमत से अधिक हो जाता है। लिप्सी के मतानुसार, ``आय के पूर्ण रोजगार स्तर पर समस्त उत्पादन से जितनी मात्रा में समस्त व्यय बढ़ जायेगा, वही मात्रा स्फीति अन्तराल होगी।''
B. कीन्स ने ‘स्फीतिक अंतराल’ की अवधारणा की व्याख्या अपनी पुस्तक ‘हाऊ टू पे फॉर द वार’ (How To Pay for the war) में की। स्फीतिक अंतराल समाज की संभावित प्रभावपूर्ण मांग तथा स्थिर कीमतों पर उपलब्ध उत्पादन की कीमत से अधिक हो जाता है। लिप्सी के मतानुसार, ``आय के पूर्ण रोजगार स्तर पर समस्त उत्पादन से जितनी मात्रा में समस्त व्यय बढ़ जायेगा, वही मात्रा स्फीति अन्तराल होगी।''