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Q: Which of the following assumptions are reflected by folk pedagogy about the children ? लोक अध्यापन कला द्वारा बच्चों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सी धारणा प्रतिबिंबित होती है? I. Egocentrie and in need of socialization I. अहंकारी और समाजीकरण की आवश्यकता में II. Empty vessels to be filled with knowledge that only adults can provide. II. खाली बर्तन ज्ञान से भरे जाने चाहिए जो केवल वयस्क ही प्रदान कर सकते हैं।
  • A. Neither I nor II/ना ही I ना ही II
  • B. Only I/केवल I
  • C. Only II/केवल II
  • D. Both I and II/I तथा II दोनों
Correct Answer: Option D - लोक अध्यापन कला द्वारा बच्चों के बारे में दोनों ही कथन (I) व (II) इनकी धारणाओं को प्रतिबिंबित करता है अर्थात् कला बालक के शारीरिक, मानसिक, नैतिक एवं संवेगात्मक विकास में जैविक योगदान करती है। लोक अध्यापन कला द्वारा बालक में अंहकारी और समाजीकरण की आवश्यकता पड़ती है। इसकी निम्नांकित विशेषताएँ होती है– 1. शिक्षार्थियों के सृजनात्मक क्षमता के विकास में कला की अहम भूमिका है। 2. कला, सीखने की परिस्थितियाँ निर्मित करती है। 3. कला, सीखने को सजीव बनाती है। 4. कला, नैसर्गिक क्षमता का विकास करती है। 5. कला, व्यक्तित्व के विकास में सहायक हैं 6. कला, मूल्यांकन एवं निर्णय की शक्ति को विकसित करती है। 7. कला, जीवन को पूर्णता से जीने में सहायक होती हे। 8. कला, सामाजिक वृद्धि करती है। 9. कला, आर्थिक दक्षता का विकास करती है। 10. कला, जीवन के रचनात्मक पहलू को समृद्ध बनाती है।
D. लोक अध्यापन कला द्वारा बच्चों के बारे में दोनों ही कथन (I) व (II) इनकी धारणाओं को प्रतिबिंबित करता है अर्थात् कला बालक के शारीरिक, मानसिक, नैतिक एवं संवेगात्मक विकास में जैविक योगदान करती है। लोक अध्यापन कला द्वारा बालक में अंहकारी और समाजीकरण की आवश्यकता पड़ती है। इसकी निम्नांकित विशेषताएँ होती है– 1. शिक्षार्थियों के सृजनात्मक क्षमता के विकास में कला की अहम भूमिका है। 2. कला, सीखने की परिस्थितियाँ निर्मित करती है। 3. कला, सीखने को सजीव बनाती है। 4. कला, नैसर्गिक क्षमता का विकास करती है। 5. कला, व्यक्तित्व के विकास में सहायक हैं 6. कला, मूल्यांकन एवं निर्णय की शक्ति को विकसित करती है। 7. कला, जीवन को पूर्णता से जीने में सहायक होती हे। 8. कला, सामाजिक वृद्धि करती है। 9. कला, आर्थिक दक्षता का विकास करती है। 10. कला, जीवन के रचनात्मक पहलू को समृद्ध बनाती है।

Explanations:

लोक अध्यापन कला द्वारा बच्चों के बारे में दोनों ही कथन (I) व (II) इनकी धारणाओं को प्रतिबिंबित करता है अर्थात् कला बालक के शारीरिक, मानसिक, नैतिक एवं संवेगात्मक विकास में जैविक योगदान करती है। लोक अध्यापन कला द्वारा बालक में अंहकारी और समाजीकरण की आवश्यकता पड़ती है। इसकी निम्नांकित विशेषताएँ होती है– 1. शिक्षार्थियों के सृजनात्मक क्षमता के विकास में कला की अहम भूमिका है। 2. कला, सीखने की परिस्थितियाँ निर्मित करती है। 3. कला, सीखने को सजीव बनाती है। 4. कला, नैसर्गिक क्षमता का विकास करती है। 5. कला, व्यक्तित्व के विकास में सहायक हैं 6. कला, मूल्यांकन एवं निर्णय की शक्ति को विकसित करती है। 7. कला, जीवन को पूर्णता से जीने में सहायक होती हे। 8. कला, सामाजिक वृद्धि करती है। 9. कला, आर्थिक दक्षता का विकास करती है। 10. कला, जीवन के रचनात्मक पहलू को समृद्ध बनाती है।