Correct Answer:
Option B - अनुकरण सामान्य अर्थों में किसी कार्य या वस्तु की नकल करना है। दैनिक जीवन में ‘अनुकरण’ एक सामान्य बात है, जैसे– दूसरों को दौड़तें देखकर दौड़ना, जिधर दूसरे देख रहे हैं उसी ओर देखना। अभिप्राय यह है कि वे सभी कार्य, जो हम चेतन या अचेतन अवस्था में दूसरों के कार्यों के रूप में करते हैं, अनुकरण कहलाते हैं। मैक्डूगल के अनुसार, ‘‘अनुकरण दूसरे व्यक्ति के बाह्य व्यवहार की नकल है।’’
अनुकरण को कई मनोवैज्ञानिकों ने अपने सिद्धान्तों में उपयोग किया तथा उसे एक अन्य नाम से संदर्भित किया जैसे कि एल्बर्ट बण्डूरा के मनोसामाजिक सिद्धान्त में अनुकरण को मॉडलिंग के नाम से बताया। इसी प्रकार से इनहिबिटरी एवं डिस-इनहिबिटरी तथा एलिसिटिंग को भी मनोवैज्ञानिकों ने अपने सिद्धान्त में अनुकरण को संदर्भित करते हुए उपयोग किया। अत: अनुकरण के प्रभाव के संदर्भ में तीनों बिंदु (I) (II) (III) सही हैं।
B. अनुकरण सामान्य अर्थों में किसी कार्य या वस्तु की नकल करना है। दैनिक जीवन में ‘अनुकरण’ एक सामान्य बात है, जैसे– दूसरों को दौड़तें देखकर दौड़ना, जिधर दूसरे देख रहे हैं उसी ओर देखना। अभिप्राय यह है कि वे सभी कार्य, जो हम चेतन या अचेतन अवस्था में दूसरों के कार्यों के रूप में करते हैं, अनुकरण कहलाते हैं। मैक्डूगल के अनुसार, ‘‘अनुकरण दूसरे व्यक्ति के बाह्य व्यवहार की नकल है।’’
अनुकरण को कई मनोवैज्ञानिकों ने अपने सिद्धान्तों में उपयोग किया तथा उसे एक अन्य नाम से संदर्भित किया जैसे कि एल्बर्ट बण्डूरा के मनोसामाजिक सिद्धान्त में अनुकरण को मॉडलिंग के नाम से बताया। इसी प्रकार से इनहिबिटरी एवं डिस-इनहिबिटरी तथा एलिसिटिंग को भी मनोवैज्ञानिकों ने अपने सिद्धान्त में अनुकरण को संदर्भित करते हुए उपयोग किया। अत: अनुकरण के प्रभाव के संदर्भ में तीनों बिंदु (I) (II) (III) सही हैं।