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Q: चम्पू के दो भेद हैं –
  • A. विरुद और कपालक
  • B. विरुद और कुलक
  • C. विरुद और व्रज्या
  • D. विरुद और करम्भक
Correct Answer: Option D - गद्य एवं पद्य मिश्रित काव्य रचना चम्पू काव्य कहलाती है। इस नवीन काव्य शैली की रचना आचार्य विश्वनाथ ने राजस्तुति के लिए की है, तथा इसे दो भागों में विभक्त किया है – 1. विरुद, 2. करम्भक।
D. गद्य एवं पद्य मिश्रित काव्य रचना चम्पू काव्य कहलाती है। इस नवीन काव्य शैली की रचना आचार्य विश्वनाथ ने राजस्तुति के लिए की है, तथा इसे दो भागों में विभक्त किया है – 1. विरुद, 2. करम्भक।

Explanations:

गद्य एवं पद्य मिश्रित काव्य रचना चम्पू काव्य कहलाती है। इस नवीन काव्य शैली की रचना आचार्य विश्वनाथ ने राजस्तुति के लिए की है, तथा इसे दो भागों में विभक्त किया है – 1. विरुद, 2. करम्भक।