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Q: Which of the following are not necessary the consequences of the proclamation of the President's rule in a State? किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा के अग्रलिखित में से कौन-से परिणामों का होना आवश्यक नहीं है? 1. Dissolution of the State Legislative Assembly/ राज्य विधान सभा का विघटन 2. Removal of the Council of Ministers in the State/राज्य के मंत्रिपरिषद का हटाया जाना 3. Dissolution of the local bodies/स्थानीय निकायों का विघटन Select the correct answer using the code given below: नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए–
  • A. 1 and 2 only/केवल 1 और 2
  • B. 1 and 3 only/केवल 1 और 3
  • C. 2 and 3 only/केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 and 3/1, 2 और 3
Correct Answer: Option B - संविधान के अनुच्छेद 356 के अन्तर्गत यदि राष्ट्रपति को राज्यपाल के प्रतिवेदन मिलने पर या अन्यथा, यह समाधान हो जाता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है जिससे उस राज्य का शासन इस संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है, तो राष्ट्रपति आपात की उद्घोषणा कर सकता है। इसके अन्र्तगत– • उस राज्य की विधान सभा स्वत: भंग नहीं होती है। बल्कि राष्ट्रपति - मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को भंग कर देता है तथा राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति के नाम पर राज्य सचिव की सहायता से अथवा राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किसी सलाहकार की सहायता से राज्य का शासन चलाता है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति राज्य विधान सभा को विघटित अथवा निलंबित कर सकता है। राज्य विधानसभा को राष्ट्रपति शासन लगने के पश्चात केवल तभी विघटित किया जा सकता है जब राष्ट्रपति की घोषणा को संसद की अनुमति प्राप्त होती है। • यह घोषणा कर सकेगा कि राज्य के विधान-मंडल की शक्तियाँ संसद द्वारा उसके प्राधिकार के अधीन प्रयोक्तव्य होगी। • संसद राज्य के लिए विधान बनाने की शक्ति राष्ट्रपति को या किसी अन्य विनिर्दिष्ट प्राधिकारी को प्रत्योजित कर सकती है। • राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद द्वारा प्रदत्त स्वतंत्रताओं पर निर्बन्धन लगा सकता है न कि यह स्वत: निलंबित हो जाता है।
B. संविधान के अनुच्छेद 356 के अन्तर्गत यदि राष्ट्रपति को राज्यपाल के प्रतिवेदन मिलने पर या अन्यथा, यह समाधान हो जाता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है जिससे उस राज्य का शासन इस संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है, तो राष्ट्रपति आपात की उद्घोषणा कर सकता है। इसके अन्र्तगत– • उस राज्य की विधान सभा स्वत: भंग नहीं होती है। बल्कि राष्ट्रपति - मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को भंग कर देता है तथा राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति के नाम पर राज्य सचिव की सहायता से अथवा राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किसी सलाहकार की सहायता से राज्य का शासन चलाता है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति राज्य विधान सभा को विघटित अथवा निलंबित कर सकता है। राज्य विधानसभा को राष्ट्रपति शासन लगने के पश्चात केवल तभी विघटित किया जा सकता है जब राष्ट्रपति की घोषणा को संसद की अनुमति प्राप्त होती है। • यह घोषणा कर सकेगा कि राज्य के विधान-मंडल की शक्तियाँ संसद द्वारा उसके प्राधिकार के अधीन प्रयोक्तव्य होगी। • संसद राज्य के लिए विधान बनाने की शक्ति राष्ट्रपति को या किसी अन्य विनिर्दिष्ट प्राधिकारी को प्रत्योजित कर सकती है। • राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद द्वारा प्रदत्त स्वतंत्रताओं पर निर्बन्धन लगा सकता है न कि यह स्वत: निलंबित हो जाता है।

Explanations:

संविधान के अनुच्छेद 356 के अन्तर्गत यदि राष्ट्रपति को राज्यपाल के प्रतिवेदन मिलने पर या अन्यथा, यह समाधान हो जाता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है जिससे उस राज्य का शासन इस संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है, तो राष्ट्रपति आपात की उद्घोषणा कर सकता है। इसके अन्र्तगत– • उस राज्य की विधान सभा स्वत: भंग नहीं होती है। बल्कि राष्ट्रपति - मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को भंग कर देता है तथा राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति के नाम पर राज्य सचिव की सहायता से अथवा राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किसी सलाहकार की सहायता से राज्य का शासन चलाता है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति राज्य विधान सभा को विघटित अथवा निलंबित कर सकता है। राज्य विधानसभा को राष्ट्रपति शासन लगने के पश्चात केवल तभी विघटित किया जा सकता है जब राष्ट्रपति की घोषणा को संसद की अनुमति प्राप्त होती है। • यह घोषणा कर सकेगा कि राज्य के विधान-मंडल की शक्तियाँ संसद द्वारा उसके प्राधिकार के अधीन प्रयोक्तव्य होगी। • संसद राज्य के लिए विधान बनाने की शक्ति राष्ट्रपति को या किसी अन्य विनिर्दिष्ट प्राधिकारी को प्रत्योजित कर सकती है। • राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद द्वारा प्रदत्त स्वतंत्रताओं पर निर्बन्धन लगा सकता है न कि यह स्वत: निलंबित हो जाता है।