Correct Answer:
Option B - अरीय रेखा विधि (Radial line method):- इसका उपयोग पिरामिडों और शंकु जैसी एकल घुमावदार सतहों के लिए किया जाता है जिसमें शीर्ष को केन्द्र के रूप में और तिरछे किनारे (slant edge) को इसके विकास की त्रिज्या के रूप में लिया जाता है।
■ पिरामिड की पाश्र्व सतह के विकास के संपर्क में कई समान समद्विबाहु त्रिभुज शामिल होते है।
B. अरीय रेखा विधि (Radial line method):- इसका उपयोग पिरामिडों और शंकु जैसी एकल घुमावदार सतहों के लिए किया जाता है जिसमें शीर्ष को केन्द्र के रूप में और तिरछे किनारे (slant edge) को इसके विकास की त्रिज्या के रूप में लिया जाता है।
■ पिरामिड की पाश्र्व सतह के विकास के संपर्क में कई समान समद्विबाहु त्रिभुज शामिल होते है।