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Q: ‘क्रिया’ के उस रूपांतर को क्या कहते हैं जिससे उसके कार्य-व्यापार के समय और उसकी पूर्ण अथवा अपूर्ण अवस्था का बोध हो?
  • A. संज्ञा
  • B. परिमाणबोधक विशेषण
  • C. अव्यय
  • D. काल
Correct Answer: Option D - ‘क्रिया’ के उस रूपांतर को काल कहते हैं जिससे उसके कार्य-व्यापार के समय और उसकी पूर्ण अथवा अपूर्ण अवस्था बोध हो। काल के तीन भेद होते हैं। 1. वर्तमान काल 2. भूतकाल 3. भविष्य काल संज्ञा– संज्ञा का अर्थ होता है नाम। अर्थात् वह शब्द जिससे किसी प्राणी, वस्तु अथवा स्थान का नाम ज्ञात हो संज्ञा कहते हैं; जैसे– ऊषा, गुलाब, पाटलिपुत्र, बचपन आदि। अव्यय– जिनमें लिंग, वचन, कारक से कोई विकास नहीं होता, उसे अव्यय या अविकारी शब्द कहते हैं; जैसे– गोविन्द तेज दौड़ता है। परिमाणबोधक विशेषण– जो शब्द किसी वस्तु के परिमाण (माप-तौल) का बोध कराता है, उसे परिमाणबोधक विशेषण कहते हैं; जैसे– थोड़ा दूध, सारा देश इत्यादि।
D. ‘क्रिया’ के उस रूपांतर को काल कहते हैं जिससे उसके कार्य-व्यापार के समय और उसकी पूर्ण अथवा अपूर्ण अवस्था बोध हो। काल के तीन भेद होते हैं। 1. वर्तमान काल 2. भूतकाल 3. भविष्य काल संज्ञा– संज्ञा का अर्थ होता है नाम। अर्थात् वह शब्द जिससे किसी प्राणी, वस्तु अथवा स्थान का नाम ज्ञात हो संज्ञा कहते हैं; जैसे– ऊषा, गुलाब, पाटलिपुत्र, बचपन आदि। अव्यय– जिनमें लिंग, वचन, कारक से कोई विकास नहीं होता, उसे अव्यय या अविकारी शब्द कहते हैं; जैसे– गोविन्द तेज दौड़ता है। परिमाणबोधक विशेषण– जो शब्द किसी वस्तु के परिमाण (माप-तौल) का बोध कराता है, उसे परिमाणबोधक विशेषण कहते हैं; जैसे– थोड़ा दूध, सारा देश इत्यादि।

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‘क्रिया’ के उस रूपांतर को काल कहते हैं जिससे उसके कार्य-व्यापार के समय और उसकी पूर्ण अथवा अपूर्ण अवस्था बोध हो। काल के तीन भेद होते हैं। 1. वर्तमान काल 2. भूतकाल 3. भविष्य काल संज्ञा– संज्ञा का अर्थ होता है नाम। अर्थात् वह शब्द जिससे किसी प्राणी, वस्तु अथवा स्थान का नाम ज्ञात हो संज्ञा कहते हैं; जैसे– ऊषा, गुलाब, पाटलिपुत्र, बचपन आदि। अव्यय– जिनमें लिंग, वचन, कारक से कोई विकास नहीं होता, उसे अव्यय या अविकारी शब्द कहते हैं; जैसे– गोविन्द तेज दौड़ता है। परिमाणबोधक विशेषण– जो शब्द किसी वस्तु के परिमाण (माप-तौल) का बोध कराता है, उसे परिमाणबोधक विशेषण कहते हैं; जैसे– थोड़ा दूध, सारा देश इत्यादि।