search
Q: Which method of concreting is used when the temperature is low or below the freezing point?
  • A. Pre-packed Concreting/ प्रि-पैकड कंक्रीटिंग
  • B. Hot Weather Concreting/हॉट वेदर कंक्रीटिंग
  • C. Shotcrete/शॉटक्रीट
  • D. Cold Weather Concreting/कोल्ड वेदर कंक्रीटिंग
Correct Answer: Option D - जब तापमान निम्न अथवा हिमांक बिन्दु से नीचे चला जाता है। तब ठंडे मौसम कंक्रीटिंग विधि (Cold weather concreting method) प्रयोग की जाती है। ठंडे मौसम में कंक्रीटिंग करते समय कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए– 1. कंक्रीट बिछाते समय तापमान 4.5⁰C से कम नहीं होना चाहिये तथा कंक्रीट बिछाने व कुटाई सम्पन्न होने के बाद कंक्रीट के कठोरीकरण तक तापमान 2⁰C से ऊपर बना रहना चाहिये। 2. त्वरक के रूप में कैल्सियम क्लोराइड का प्रयोग किया जा सकता है। इसकी मात्रा सीमेंट के भार का 2% से अधिक नहीं होनी चाहिये। इससे अधिक मात्रा डालने पर कंक्रीट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। 3. कंक्रीट का हिमीकरण (freezing) रोकने के लिये लवणों व रसायनों का प्रयोग नहीं करना चाहिये इनके इस्तेमाल से कंक्रीट की गुणता प्रभावित होती हे। शॉटक्रीट (Shotcrete)– मसाले या महीन कंक्रीट को सीमेंट गन द्वारा उच्च दाब पर मसाले को सतह पर फेककर उनकी मरम्मत करना अथवा लेप चढ़ाना शॉटक्रीट कहलाता है। पूर्व-पैक कंक्रीट (Prepacked concrete)– यह सामान्य कंक्रीट ही होती है। परन्तु इसकी निर्माण विधि कुछ भिन्न है, जिस स्थल पर कंक्रीट डालनी हो वहाँ पहले केवल मोटा मिलावा बिछाकर अच्छी तरह कूट दिया जाता है। फिर इस मिलावे में सीमेंट बालू मसाले का घोल 2.5–3.5 Kg/cm² के दाब पर भर दिया जाता है। इसमें जल-सीमेंट अनुपात 0.45 लिया जाता है।
D. जब तापमान निम्न अथवा हिमांक बिन्दु से नीचे चला जाता है। तब ठंडे मौसम कंक्रीटिंग विधि (Cold weather concreting method) प्रयोग की जाती है। ठंडे मौसम में कंक्रीटिंग करते समय कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए– 1. कंक्रीट बिछाते समय तापमान 4.5⁰C से कम नहीं होना चाहिये तथा कंक्रीट बिछाने व कुटाई सम्पन्न होने के बाद कंक्रीट के कठोरीकरण तक तापमान 2⁰C से ऊपर बना रहना चाहिये। 2. त्वरक के रूप में कैल्सियम क्लोराइड का प्रयोग किया जा सकता है। इसकी मात्रा सीमेंट के भार का 2% से अधिक नहीं होनी चाहिये। इससे अधिक मात्रा डालने पर कंक्रीट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। 3. कंक्रीट का हिमीकरण (freezing) रोकने के लिये लवणों व रसायनों का प्रयोग नहीं करना चाहिये इनके इस्तेमाल से कंक्रीट की गुणता प्रभावित होती हे। शॉटक्रीट (Shotcrete)– मसाले या महीन कंक्रीट को सीमेंट गन द्वारा उच्च दाब पर मसाले को सतह पर फेककर उनकी मरम्मत करना अथवा लेप चढ़ाना शॉटक्रीट कहलाता है। पूर्व-पैक कंक्रीट (Prepacked concrete)– यह सामान्य कंक्रीट ही होती है। परन्तु इसकी निर्माण विधि कुछ भिन्न है, जिस स्थल पर कंक्रीट डालनी हो वहाँ पहले केवल मोटा मिलावा बिछाकर अच्छी तरह कूट दिया जाता है। फिर इस मिलावे में सीमेंट बालू मसाले का घोल 2.5–3.5 Kg/cm² के दाब पर भर दिया जाता है। इसमें जल-सीमेंट अनुपात 0.45 लिया जाता है।

Explanations:

जब तापमान निम्न अथवा हिमांक बिन्दु से नीचे चला जाता है। तब ठंडे मौसम कंक्रीटिंग विधि (Cold weather concreting method) प्रयोग की जाती है। ठंडे मौसम में कंक्रीटिंग करते समय कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए– 1. कंक्रीट बिछाते समय तापमान 4.5⁰C से कम नहीं होना चाहिये तथा कंक्रीट बिछाने व कुटाई सम्पन्न होने के बाद कंक्रीट के कठोरीकरण तक तापमान 2⁰C से ऊपर बना रहना चाहिये। 2. त्वरक के रूप में कैल्सियम क्लोराइड का प्रयोग किया जा सकता है। इसकी मात्रा सीमेंट के भार का 2% से अधिक नहीं होनी चाहिये। इससे अधिक मात्रा डालने पर कंक्रीट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। 3. कंक्रीट का हिमीकरण (freezing) रोकने के लिये लवणों व रसायनों का प्रयोग नहीं करना चाहिये इनके इस्तेमाल से कंक्रीट की गुणता प्रभावित होती हे। शॉटक्रीट (Shotcrete)– मसाले या महीन कंक्रीट को सीमेंट गन द्वारा उच्च दाब पर मसाले को सतह पर फेककर उनकी मरम्मत करना अथवा लेप चढ़ाना शॉटक्रीट कहलाता है। पूर्व-पैक कंक्रीट (Prepacked concrete)– यह सामान्य कंक्रीट ही होती है। परन्तु इसकी निर्माण विधि कुछ भिन्न है, जिस स्थल पर कंक्रीट डालनी हो वहाँ पहले केवल मोटा मिलावा बिछाकर अच्छी तरह कूट दिया जाता है। फिर इस मिलावे में सीमेंट बालू मसाले का घोल 2.5–3.5 Kg/cm² के दाब पर भर दिया जाता है। इसमें जल-सीमेंट अनुपात 0.45 लिया जाता है।