Correct Answer:
Option C - ‘‘बिहारी का काव्य हृदय में किसी ऐसी लय या संगीत का संचार नहीं करता जिसकी स्वरधारा कुछ काल तक गूँजती रहे।’’ बिहारी के सन्दर्भ में उपर्युक्त कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहा था।
⦁ बिहारी रीतिकाल के रीतिसिद्ध कवि थे, शुक्ल जी बिहारी को रसवादी तथा डॉ. नगेन्द्र बिहारी को ध्वनिवादी मानते हैं।
⦁ बिहारी की एकमात्र रचना ‘बिहारी सतसई’ दोहा छंद में रचित है। इसकी भाषा परिनिष्ठित साहित्यिक ब्रजभाषा है।
⦁ बिहारी सतसई पर हिन्दी में पचास से अधिक टीका प्राप्त हैं। बिहारी के पुत्र कृष्णलाल कवि ने बिहारी सतसई की टीका सर्वप्रथम सवैया छंद में ब्रजभाषा में लिखी।
C. ‘‘बिहारी का काव्य हृदय में किसी ऐसी लय या संगीत का संचार नहीं करता जिसकी स्वरधारा कुछ काल तक गूँजती रहे।’’ बिहारी के सन्दर्भ में उपर्युक्त कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहा था।
⦁ बिहारी रीतिकाल के रीतिसिद्ध कवि थे, शुक्ल जी बिहारी को रसवादी तथा डॉ. नगेन्द्र बिहारी को ध्वनिवादी मानते हैं।
⦁ बिहारी की एकमात्र रचना ‘बिहारी सतसई’ दोहा छंद में रचित है। इसकी भाषा परिनिष्ठित साहित्यिक ब्रजभाषा है।
⦁ बिहारी सतसई पर हिन्दी में पचास से अधिक टीका प्राप्त हैं। बिहारी के पुत्र कृष्णलाल कवि ने बिहारी सतसई की टीका सर्वप्रथम सवैया छंद में ब्रजभाषा में लिखी।