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Q: Which defect of vision is corrected using cylindrical lenses in spectacles? बेलनाकार (सिलिन्ड्रीकल) लेन्सों का चश्मा कौन-से दृष्टिदोष का निदान करता है?
  • A. Myopia/निकट दृष्टि
  • B. Hypermetropia/दीर्घ दृष्टि
  • C. Astigmatism/आबिन्दुकता
  • D. Loss of accommodation/समंजन क्षमता का ह्रास
Correct Answer: Option C - बेलनाकार लेन्सों का चश्मा आबिन्दुकता (दृष्टिबैम्नस्य) दृष्टिदोष का निदान करता है दृष्टिदोष मे आंखों की क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर वक्रता भिन्न होती है इसलिए सभी किरणें समान रूप से अभिसरित नही होती है जिसके परिणामस्वरूप रेटिना पर एक विकृति छवि बन जाती है और जब हम बेलनाकार लेंस का प्रयोग करते है तो लेंस से रेटिना पर बनने वाला प्रतिबिम्ब स्पष्ट रूप मे दिखायी देता है।
C. बेलनाकार लेन्सों का चश्मा आबिन्दुकता (दृष्टिबैम्नस्य) दृष्टिदोष का निदान करता है दृष्टिदोष मे आंखों की क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर वक्रता भिन्न होती है इसलिए सभी किरणें समान रूप से अभिसरित नही होती है जिसके परिणामस्वरूप रेटिना पर एक विकृति छवि बन जाती है और जब हम बेलनाकार लेंस का प्रयोग करते है तो लेंस से रेटिना पर बनने वाला प्रतिबिम्ब स्पष्ट रूप मे दिखायी देता है।

Explanations:

बेलनाकार लेन्सों का चश्मा आबिन्दुकता (दृष्टिबैम्नस्य) दृष्टिदोष का निदान करता है दृष्टिदोष मे आंखों की क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर वक्रता भिन्न होती है इसलिए सभी किरणें समान रूप से अभिसरित नही होती है जिसके परिणामस्वरूप रेटिना पर एक विकृति छवि बन जाती है और जब हम बेलनाकार लेंस का प्रयोग करते है तो लेंस से रेटिना पर बनने वाला प्रतिबिम्ब स्पष्ट रूप मे दिखायी देता है।