Correct Answer:
Option C - बेलनाकार लेन्सों का चश्मा आबिन्दुकता (दृष्टिबैम्नस्य) दृष्टिदोष का निदान करता है
दृष्टिदोष मे आंखों की क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर वक्रता भिन्न होती है इसलिए सभी किरणें समान रूप से अभिसरित नही होती है जिसके परिणामस्वरूप रेटिना पर एक विकृति छवि बन जाती है और जब हम बेलनाकार लेंस का प्रयोग करते है तो लेंस से रेटिना पर बनने वाला प्रतिबिम्ब स्पष्ट रूप मे दिखायी देता है।
C. बेलनाकार लेन्सों का चश्मा आबिन्दुकता (दृष्टिबैम्नस्य) दृष्टिदोष का निदान करता है
दृष्टिदोष मे आंखों की क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर वक्रता भिन्न होती है इसलिए सभी किरणें समान रूप से अभिसरित नही होती है जिसके परिणामस्वरूप रेटिना पर एक विकृति छवि बन जाती है और जब हम बेलनाकार लेंस का प्रयोग करते है तो लेंस से रेटिना पर बनने वाला प्रतिबिम्ब स्पष्ट रूप मे दिखायी देता है।