Correct Answer:
Option A - प्रारंभिक वैदिककाल के दौरान राजगृह शहर प्राचीन मगध साम्राज्य की राजधानी के रूप में कार्य करता था। मगध साम्राज्य में आधुनिक पटना, गया तथा शाहाबाद का कुछ हिस्सा पड़ता था। बिम्बिसार (544 ई.पू.-492 ई.पू.) और अजातशत्रु (492 ई.पू.-460 ई.पू.) के समय इसकी राजधानी राजगीर या राजगृह था किन्तु उदयिन (460 ई.पू.-444 ई.पू.) ने राजगृह से अपनी राजधानी पाटलिपुत्र या कुसुमपुर स्थानान्तरित की। शिशुनाग वंश के शिशुनाग (412 ई.पू.-394 ई.पू.) ने पाटलिपुत्र से राजधानी स्थानान्तरित करके वैशाली को मगध साम्राज्य की राजधानी बनाया किन्तु कालान्तर में कालाशोक (394 ई.पू.-366 ई.पू.) पुन: पाटलिपुत्र स्थानान्तरित कर लिया और मौर्य साम्राज्य तक यही राजधानी बनी रही।
A. प्रारंभिक वैदिककाल के दौरान राजगृह शहर प्राचीन मगध साम्राज्य की राजधानी के रूप में कार्य करता था। मगध साम्राज्य में आधुनिक पटना, गया तथा शाहाबाद का कुछ हिस्सा पड़ता था। बिम्बिसार (544 ई.पू.-492 ई.पू.) और अजातशत्रु (492 ई.पू.-460 ई.पू.) के समय इसकी राजधानी राजगीर या राजगृह था किन्तु उदयिन (460 ई.पू.-444 ई.पू.) ने राजगृह से अपनी राजधानी पाटलिपुत्र या कुसुमपुर स्थानान्तरित की। शिशुनाग वंश के शिशुनाग (412 ई.पू.-394 ई.पू.) ने पाटलिपुत्र से राजधानी स्थानान्तरित करके वैशाली को मगध साम्राज्य की राजधानी बनाया किन्तु कालान्तर में कालाशोक (394 ई.पू.-366 ई.पू.) पुन: पाटलिपुत्र स्थानान्तरित कर लिया और मौर्य साम्राज्य तक यही राजधानी बनी रही।