Correct Answer:
Option A - राजराजा प्रथम का प्रारम्भिक नाम अरुमोलिवर्मन था जो 985 ई. में राजराजा प्रथम के नाम से गद्दी पर बैठा। राजराजा प्रथम के शासनकाल से चोलों की विस्तृत विजय और समृद्धि का इतिहास प्रारम्भ होता है। इसके शासन के उन्नीसवें वर्ष में उत्कीर्ण तंजौर अभिलेख में इसके युद्धों का वर्णन है। राजराजा प्रथम की महत्तम उपलब्धि तथा नौसेनिक पराक्रम का उदाहरण लक्षद्वीप एवं मालद्वीप समूह के 1200 द्वीपों को जीतना था। राजराजा प्रथम ने सम्पूर्ण द्रविड़ प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र, कलिंग तथा लंका (उत्तरी लंका) को जीत लिया।
A. राजराजा प्रथम का प्रारम्भिक नाम अरुमोलिवर्मन था जो 985 ई. में राजराजा प्रथम के नाम से गद्दी पर बैठा। राजराजा प्रथम के शासनकाल से चोलों की विस्तृत विजय और समृद्धि का इतिहास प्रारम्भ होता है। इसके शासन के उन्नीसवें वर्ष में उत्कीर्ण तंजौर अभिलेख में इसके युद्धों का वर्णन है। राजराजा प्रथम की महत्तम उपलब्धि तथा नौसेनिक पराक्रम का उदाहरण लक्षद्वीप एवं मालद्वीप समूह के 1200 द्वीपों को जीतना था। राजराजा प्रथम ने सम्पूर्ण द्रविड़ प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र, कलिंग तथा लंका (उत्तरी लंका) को जीत लिया।