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Q: In which of the following session Muslim League passed the proposal that prohibited cow slaughter on the occasion of Bakrid?/निम्नलिखित में से किस अधिवेशन में मुस्लिम लीग ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें बकरीद के अवसर पर गोवध को निषिद्ध किया?
  • A. Amritsar session of Muslim League, 1919 1919 ई. के मुस्लिम लीग के अमृतसर अधिवेशन में
  • B. Lucknow session of Muslim League, 1937 1937 ई. के मुस्लिम लीग के लखनऊ अधिवेशन में
  • C. Lahore session of Muslim League, 1940 1940 ई. के मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में
  • D. None of the above/उपरोक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - प्रथम विश्व युद्ध के बाद रॉलेट कानूनों के विरोध तथा खिलाफत और असहयोग आन्दोलन के दौरान राष्ट्रवादी विचारधारा और मजबूत हुई तथा हिन्दू-मुस्लिम एकता के नारे लगने लगे। मुस्लिम लीग ने 1919 ई. के अमृतसर अधिवेशन में प्रस्ताव पारित कर बकरीद के अवसर पर गोवध को निषिद्ध कर दिया। प्रसिद्ध आर्य समाजी नेता स्वामी श्रद्धानन्द को दिल्ली की जामा मस्जिद के मंच से भाषण करने के लिए आमंत्रित किया गया और डॉ. सैफुद्दीन किचलू को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की चाभियाँ सौंप दी गयी। हिन्दू-मुस्लिम की जय की आंधी पूरे देश में बहने लगी।
A. प्रथम विश्व युद्ध के बाद रॉलेट कानूनों के विरोध तथा खिलाफत और असहयोग आन्दोलन के दौरान राष्ट्रवादी विचारधारा और मजबूत हुई तथा हिन्दू-मुस्लिम एकता के नारे लगने लगे। मुस्लिम लीग ने 1919 ई. के अमृतसर अधिवेशन में प्रस्ताव पारित कर बकरीद के अवसर पर गोवध को निषिद्ध कर दिया। प्रसिद्ध आर्य समाजी नेता स्वामी श्रद्धानन्द को दिल्ली की जामा मस्जिद के मंच से भाषण करने के लिए आमंत्रित किया गया और डॉ. सैफुद्दीन किचलू को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की चाभियाँ सौंप दी गयी। हिन्दू-मुस्लिम की जय की आंधी पूरे देश में बहने लगी।

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प्रथम विश्व युद्ध के बाद रॉलेट कानूनों के विरोध तथा खिलाफत और असहयोग आन्दोलन के दौरान राष्ट्रवादी विचारधारा और मजबूत हुई तथा हिन्दू-मुस्लिम एकता के नारे लगने लगे। मुस्लिम लीग ने 1919 ई. के अमृतसर अधिवेशन में प्रस्ताव पारित कर बकरीद के अवसर पर गोवध को निषिद्ध कर दिया। प्रसिद्ध आर्य समाजी नेता स्वामी श्रद्धानन्द को दिल्ली की जामा मस्जिद के मंच से भाषण करने के लिए आमंत्रित किया गया और डॉ. सैफुद्दीन किचलू को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की चाभियाँ सौंप दी गयी। हिन्दू-मुस्लिम की जय की आंधी पूरे देश में बहने लगी।