Correct Answer:
Option D - हर्षचरित का लेखक बाणभट्ट है जो हर्ष का दरबारी कवि था। ऐतिहासिक विषयों पर गद्यकाव्य लिखने का यह प्रथम सफल प्रयास था। इसमें आठ उच्छवास है। प्रथम तीन में बाण ने अपनी आत्मकथा लिखी है तथा शेष पाँच में हर्षवर्धन का जीवनचरित लिखा है। ‘हर्षचरित’ के आठवें अध्याय में विन्ध्य के जंगलों में रहने वाले विभिन्न धार्मिक सम्प्रदायों का वर्णन प्राप्त होता है।
D. हर्षचरित का लेखक बाणभट्ट है जो हर्ष का दरबारी कवि था। ऐतिहासिक विषयों पर गद्यकाव्य लिखने का यह प्रथम सफल प्रयास था। इसमें आठ उच्छवास है। प्रथम तीन में बाण ने अपनी आत्मकथा लिखी है तथा शेष पाँच में हर्षवर्धन का जीवनचरित लिखा है। ‘हर्षचरित’ के आठवें अध्याय में विन्ध्य के जंगलों में रहने वाले विभिन्न धार्मिक सम्प्रदायों का वर्णन प्राप्त होता है।