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Q: .
  • A. अमरकांत
  • B. ज्ञानरंजन
  • C. कमलेश्वर
  • D. प्रेमचंद
Correct Answer: Option D - राष्ट्रभाषा केवल रईसों और अमीरों की भाषा नहीं हो सकती। उसे किसानों और मजदूरों की भाषा बनना पड़ेगा। कहानी के संबंध में उक्त कथन ‘प्रेमचंद’ का है। • प्रेमचंद ने लिखा है- ‘‘सबसे उत्तम कहानी वह होती है; जिसका आधार किसी मनोवैज्ञानिक सत्य पर होता है।’’ प्रेमचंद की प्रमुख कहानियाँ- नमक का दारोगा, सज्जनता का दण्ड, ईश्वरीय न्याय, बूढ़ी काकी, सवा सेर गेहूँ, शतरंज के खिलाड़ी, अलग्योझा, पूस की रात, सद्गति, दो बैलों की कथा, ठाकुर का कुंआ, ईदगाह, बड़े भाई साहब, कफन आदि।
D. राष्ट्रभाषा केवल रईसों और अमीरों की भाषा नहीं हो सकती। उसे किसानों और मजदूरों की भाषा बनना पड़ेगा। कहानी के संबंध में उक्त कथन ‘प्रेमचंद’ का है। • प्रेमचंद ने लिखा है- ‘‘सबसे उत्तम कहानी वह होती है; जिसका आधार किसी मनोवैज्ञानिक सत्य पर होता है।’’ प्रेमचंद की प्रमुख कहानियाँ- नमक का दारोगा, सज्जनता का दण्ड, ईश्वरीय न्याय, बूढ़ी काकी, सवा सेर गेहूँ, शतरंज के खिलाड़ी, अलग्योझा, पूस की रात, सद्गति, दो बैलों की कथा, ठाकुर का कुंआ, ईदगाह, बड़े भाई साहब, कफन आदि।

Explanations:

राष्ट्रभाषा केवल रईसों और अमीरों की भाषा नहीं हो सकती। उसे किसानों और मजदूरों की भाषा बनना पड़ेगा। कहानी के संबंध में उक्त कथन ‘प्रेमचंद’ का है। • प्रेमचंद ने लिखा है- ‘‘सबसे उत्तम कहानी वह होती है; जिसका आधार किसी मनोवैज्ञानिक सत्य पर होता है।’’ प्रेमचंद की प्रमुख कहानियाँ- नमक का दारोगा, सज्जनता का दण्ड, ईश्वरीय न्याय, बूढ़ी काकी, सवा सेर गेहूँ, शतरंज के खिलाड़ी, अलग्योझा, पूस की रात, सद्गति, दो बैलों की कथा, ठाकुर का कुंआ, ईदगाह, बड़े भाई साहब, कफन आदि।