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Q: Which among the following was the primary aim of the Swaraj Party?/स्वराज पार्टी का मुख्य लक्ष्य निम्नलिखित में से कौन-सा था? अवरोधन की नीति द्वारा करना
  • A. To cooperate with the government in implementing the reforms of 1919 1919 के सुधारों को लागू करने में सरकार से सहयोग करना
  • B. To gain experience of the functioning of representative government प्रतिनिधि सरकार के कार्यकरण का अनुभव प्राप्त करना
  • C. To wreck the scheme of the reform of 1919 by a policy of uniform, continuous and consistent obstruction/ 1919 के सुधारों की योजना का ध्वंस, एक समान, सतत् और समनुरूप
  • D. To exhibit displeasure over the failure of non-cooperation movement असहयोग आन्दोलन की विफलता पर क्षोभ प्रकट करना
Correct Answer: Option C - स्वराज पार्टी ने घोषणा पत्र में अपनी नीति की घोषणा करते हुए यह प्रतिज्ञा की थी कि वे केन्द्रीय विधान सभा एवं प्रान्तीय परिषदों के माध्यम से सरकार के कामकाज को रोकने के लिए सतत, सुसंगत और अविरल अवरोध की नीति का अनुसरण करेंगे। इस प्रकार इसके निम्न उद्देश्य थे– (1) असहयोग को कौंसिल तक पहुँचाना। (2) 1919 के सुधारों की योजना का ध्वंस, एक समान सतत् और समनुरूप अवरोधन की नीति द्वारा करना। (3) भारत को स्वराज दिलाना।
C. स्वराज पार्टी ने घोषणा पत्र में अपनी नीति की घोषणा करते हुए यह प्रतिज्ञा की थी कि वे केन्द्रीय विधान सभा एवं प्रान्तीय परिषदों के माध्यम से सरकार के कामकाज को रोकने के लिए सतत, सुसंगत और अविरल अवरोध की नीति का अनुसरण करेंगे। इस प्रकार इसके निम्न उद्देश्य थे– (1) असहयोग को कौंसिल तक पहुँचाना। (2) 1919 के सुधारों की योजना का ध्वंस, एक समान सतत् और समनुरूप अवरोधन की नीति द्वारा करना। (3) भारत को स्वराज दिलाना।

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स्वराज पार्टी ने घोषणा पत्र में अपनी नीति की घोषणा करते हुए यह प्रतिज्ञा की थी कि वे केन्द्रीय विधान सभा एवं प्रान्तीय परिषदों के माध्यम से सरकार के कामकाज को रोकने के लिए सतत, सुसंगत और अविरल अवरोध की नीति का अनुसरण करेंगे। इस प्रकार इसके निम्न उद्देश्य थे– (1) असहयोग को कौंसिल तक पहुँचाना। (2) 1919 के सुधारों की योजना का ध्वंस, एक समान सतत् और समनुरूप अवरोधन की नीति द्वारा करना। (3) भारत को स्वराज दिलाना।