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Q: Which among the following Vedic deities are mentioned in Bogazkoi /निम्नलिखित में से कौन-से वैदिक देवता बोगजकोई अभिलेख में उल्लिखित हैं?
  • A. Agni, Indra, Mitra, Nasatya अग्नि, इन्द्र, मित्र एवं नासत्य
  • B. Mitra, Nasatya, Varun and Yama मित्र, नासत्य, वरुण एवं यम
  • C. Nasatya, Varuna, Yama and Agni नासत्य, वरुण, यम एवं अग्नि
  • D. Indra, Mitra, Nasatya and Varuna इन्द्र, मित्र, नासत्य एवं वरुण
Correct Answer: Option D - एशिया माइनर (तुर्की) स्थित बोगज-कोई अभिलेख (यह अभिलेख कीलक लिपि तथा संस्कृत भाषा में है और इस अभिलेख की खोज 1907 ईस्वी में बींकलर महोदय ने किया था) से 14वीं शताब्दी ईसा पूर्व के कुछ ऐसे अभिलेख मिले जिनमें ऐसे राजाओं का उल्लेख आया है जिनके नाम आर्यों जैसे थे और जो संधियों के साक्षी तथा रक्षा के लिए इंद्र, मित्र, वरुण एवं नासत्य (अश्विन कुमार) देवताओं का आह्वान करते वर्णित हैं। अनेक विद्वानों ने आर्यो के मूल निवास स्थान को लेकर विभिन्न मत प्रकट किया हैं। मैक्समूलर ने आर्यो का आदि देश मध्य एशिया को माना हैं रोड्स ने बैक्ट्रिया, एडवर्ड मेयर ने पामीर क्षेत्र, बालगंगाधर तिलक ने आर्कटिक क्षेत्र तथा स्वामी दयानंद सरस्वती ने तिब्बत क्षेत्र से आर्यो का संबंध स्थापित करने का प्रयास किया है। तिलक ने अपनी पुस्तक ‘आर्कटिक होम ऑफ वेदाज’ में आर्यो के मूल स्थान के प्रश्न की व्याख्या की है।
D. एशिया माइनर (तुर्की) स्थित बोगज-कोई अभिलेख (यह अभिलेख कीलक लिपि तथा संस्कृत भाषा में है और इस अभिलेख की खोज 1907 ईस्वी में बींकलर महोदय ने किया था) से 14वीं शताब्दी ईसा पूर्व के कुछ ऐसे अभिलेख मिले जिनमें ऐसे राजाओं का उल्लेख आया है जिनके नाम आर्यों जैसे थे और जो संधियों के साक्षी तथा रक्षा के लिए इंद्र, मित्र, वरुण एवं नासत्य (अश्विन कुमार) देवताओं का आह्वान करते वर्णित हैं। अनेक विद्वानों ने आर्यो के मूल निवास स्थान को लेकर विभिन्न मत प्रकट किया हैं। मैक्समूलर ने आर्यो का आदि देश मध्य एशिया को माना हैं रोड्स ने बैक्ट्रिया, एडवर्ड मेयर ने पामीर क्षेत्र, बालगंगाधर तिलक ने आर्कटिक क्षेत्र तथा स्वामी दयानंद सरस्वती ने तिब्बत क्षेत्र से आर्यो का संबंध स्थापित करने का प्रयास किया है। तिलक ने अपनी पुस्तक ‘आर्कटिक होम ऑफ वेदाज’ में आर्यो के मूल स्थान के प्रश्न की व्याख्या की है।

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एशिया माइनर (तुर्की) स्थित बोगज-कोई अभिलेख (यह अभिलेख कीलक लिपि तथा संस्कृत भाषा में है और इस अभिलेख की खोज 1907 ईस्वी में बींकलर महोदय ने किया था) से 14वीं शताब्दी ईसा पूर्व के कुछ ऐसे अभिलेख मिले जिनमें ऐसे राजाओं का उल्लेख आया है जिनके नाम आर्यों जैसे थे और जो संधियों के साक्षी तथा रक्षा के लिए इंद्र, मित्र, वरुण एवं नासत्य (अश्विन कुमार) देवताओं का आह्वान करते वर्णित हैं। अनेक विद्वानों ने आर्यो के मूल निवास स्थान को लेकर विभिन्न मत प्रकट किया हैं। मैक्समूलर ने आर्यो का आदि देश मध्य एशिया को माना हैं रोड्स ने बैक्ट्रिया, एडवर्ड मेयर ने पामीर क्षेत्र, बालगंगाधर तिलक ने आर्कटिक क्षेत्र तथा स्वामी दयानंद सरस्वती ने तिब्बत क्षेत्र से आर्यो का संबंध स्थापित करने का प्रयास किया है। तिलक ने अपनी पुस्तक ‘आर्कटिक होम ऑफ वेदाज’ में आर्यो के मूल स्थान के प्रश्न की व्याख्या की है।