Correct Answer:
Option D - पेज लेआउट जिसका प्रयोग यह बताने के लिए किया जाता है कि आपका डॉक्यूमेट प्रिंट होने पर कैसा दिखायी देगा। पेज ले आउट के कुछ तत्व है जैसे मार्जिन कालम की संख्या, हेडर और फुटर कैसे दिखते है। टेक्स्ट एडिटिंग में किसी टेक्स्ट को लिखना, टेक्स्ट को एडिट करना, डिलीट करना, टेक्स्ट के कम्पोनेन्ट को मॉडीफाई करना आदि कार्य बहुत ही आसानी से होते है। फार्मेटिंग टूलबार के अन्तर्गत फॉन्ट नेम, फॉन्ट साइज फॉन्ट स्टाइल, मार्जिन,पैराग्राफ एवं बुलेटस और नम्बरिग इत्यादि टूल्स रहते है।
D. पेज लेआउट जिसका प्रयोग यह बताने के लिए किया जाता है कि आपका डॉक्यूमेट प्रिंट होने पर कैसा दिखायी देगा। पेज ले आउट के कुछ तत्व है जैसे मार्जिन कालम की संख्या, हेडर और फुटर कैसे दिखते है। टेक्स्ट एडिटिंग में किसी टेक्स्ट को लिखना, टेक्स्ट को एडिट करना, डिलीट करना, टेक्स्ट के कम्पोनेन्ट को मॉडीफाई करना आदि कार्य बहुत ही आसानी से होते है। फार्मेटिंग टूलबार के अन्तर्गत फॉन्ट नेम, फॉन्ट साइज फॉन्ट स्टाइल, मार्जिन,पैराग्राफ एवं बुलेटस और नम्बरिग इत्यादि टूल्स रहते है।