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Q: निम्नलिखित में से कौन – सा गणित की प्रकृति के संबंध में सबसे कम उपयुक्त है?
  • A. गणितीय अवधारणाओं की प्रकृति पदानुक्रमिक होती हैं।
  • B. गणित को प्रतिरूपों कें अध्ययन की तरह भी समझा जा सकता है।
  • C. गणित की प्रकृति समावेशी होती है क्योंकि इसमें सदैव सामाजिक व्यक्तिनिष्ठता/व्यक्तिपरकता सम्मिलित होती है।
  • D. तार्किक विवेचन गणित में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Correct Answer: Option C - गणित की प्रकृति :- (1) गणित की अवधारणाएँ प्रकृति में श्रेणीबद्ध होती हैं। (2) गणित के प्रतिरूपों से मस्तिष्क में तर्क करने की आदत पनपती हैं। (3) गणित तार्किक विचारों का विज्ञान हैं। (4) गणित घटनाओं का विज्ञान हैं। (5) गणित स्थान तथा संख्याओं का विज्ञान हैं। अत: उपर्युक्त प्रश्नानुसार गणित की प्रकृति के सम्बन्ध में सबसे कम उपयुक्त विकल्प (c) है।
C. गणित की प्रकृति :- (1) गणित की अवधारणाएँ प्रकृति में श्रेणीबद्ध होती हैं। (2) गणित के प्रतिरूपों से मस्तिष्क में तर्क करने की आदत पनपती हैं। (3) गणित तार्किक विचारों का विज्ञान हैं। (4) गणित घटनाओं का विज्ञान हैं। (5) गणित स्थान तथा संख्याओं का विज्ञान हैं। अत: उपर्युक्त प्रश्नानुसार गणित की प्रकृति के सम्बन्ध में सबसे कम उपयुक्त विकल्प (c) है।

Explanations:

गणित की प्रकृति :- (1) गणित की अवधारणाएँ प्रकृति में श्रेणीबद्ध होती हैं। (2) गणित के प्रतिरूपों से मस्तिष्क में तर्क करने की आदत पनपती हैं। (3) गणित तार्किक विचारों का विज्ञान हैं। (4) गणित घटनाओं का विज्ञान हैं। (5) गणित स्थान तथा संख्याओं का विज्ञान हैं। अत: उपर्युक्त प्रश्नानुसार गणित की प्रकृति के सम्बन्ध में सबसे कम उपयुक्त विकल्प (c) है।