Correct Answer:
Option B - व्यापारिक खाता के नाम पक्ष के व्ययों को प्रत्यक्ष व्यय कहते हैं प्रत्यक्ष व्यय वे व्यय है जो माल के लाने और माल को बिक्री के लिए तैयार करने के लिए किये जाते है इसमें माल की प्रारंभिक रहतिया, माल की क्रय तथा क्रय से संबंधित व्यय को शामिल किया जाता है।
B. व्यापारिक खाता के नाम पक्ष के व्ययों को प्रत्यक्ष व्यय कहते हैं प्रत्यक्ष व्यय वे व्यय है जो माल के लाने और माल को बिक्री के लिए तैयार करने के लिए किये जाते है इसमें माल की प्रारंभिक रहतिया, माल की क्रय तथा क्रय से संबंधित व्यय को शामिल किया जाता है।