Correct Answer:
Option A - प्रभाव शंकु (Cone of depression)– रिसन क्षेत्र के प्रभावी वृत्त की परिधि से कुएँ के जल-तल तक जो एक उल्टा शंकु (Inverted cone) बन जाता है। उसको प्रभावी या अपकर्ष वक्र कहते हैं।
∎ जलभृत में एक नलकूप से पानी पम्प किया जाता है तो ट्यूबबेल के चारो ओर बनने वाली पीजोमैट्रीक सतह प्रभाव शंकु के रूप में जाना जाता है।
∎ प्रभाव शंकु का आधार सामान्य भौम जल पर होता है तथा इसका शीर्ष कुएँ का नीचे उतरा हुआ जल-तल होता है।
अवतलन शीर्ष (Depression Head)– कुएँ में पहले पानी का तल सामान्य भौम तल पर होता है पानी निकलने पर यह तल नीचे गिर जाता है। अत: प्रारम्भिक जल तल तथा गिरे हुए जल तल के अन्तर को रिसन हैड या अवतलन शीर्ष कहते हैं।
A. प्रभाव शंकु (Cone of depression)– रिसन क्षेत्र के प्रभावी वृत्त की परिधि से कुएँ के जल-तल तक जो एक उल्टा शंकु (Inverted cone) बन जाता है। उसको प्रभावी या अपकर्ष वक्र कहते हैं।
∎ जलभृत में एक नलकूप से पानी पम्प किया जाता है तो ट्यूबबेल के चारो ओर बनने वाली पीजोमैट्रीक सतह प्रभाव शंकु के रूप में जाना जाता है।
∎ प्रभाव शंकु का आधार सामान्य भौम जल पर होता है तथा इसका शीर्ष कुएँ का नीचे उतरा हुआ जल-तल होता है।
अवतलन शीर्ष (Depression Head)– कुएँ में पहले पानी का तल सामान्य भौम तल पर होता है पानी निकलने पर यह तल नीचे गिर जाता है। अत: प्रारम्भिक जल तल तथा गिरे हुए जल तल के अन्तर को रिसन हैड या अवतलन शीर्ष कहते हैं।