Correct Answer:
Option A - धरती पर स्थित दो ढालू बिन्दुओं के मध्य क्षैतिज दूरी निम्न प्रकार से ज्ञात की जाती है-
(i) सीधी माप विधि (Direct or stepping method)
(ii) कोणीय माप विधि (Angular method)
(iii) कर्ण-बढ़ती विधि (Hypotenusel allowance method)
सीधी माप विधि में ढालू सतह को छोटी-छोटी क्षैतिज सीढ़ी (Steps) में बाँट लिया जाता है और प्रत्येक क्षैतिज दूरी को माप कर सबको जोड़ लिया जाता है। आसानी तथा परिशुद्धता के लिये मापन कार्य ढाल के ऊपरी सिरे से निचले सिरे की ओर करना चाहिए। यह विधि असम ढाल के लिये उपयुक्त है।
A. धरती पर स्थित दो ढालू बिन्दुओं के मध्य क्षैतिज दूरी निम्न प्रकार से ज्ञात की जाती है-
(i) सीधी माप विधि (Direct or stepping method)
(ii) कोणीय माप विधि (Angular method)
(iii) कर्ण-बढ़ती विधि (Hypotenusel allowance method)
सीधी माप विधि में ढालू सतह को छोटी-छोटी क्षैतिज सीढ़ी (Steps) में बाँट लिया जाता है और प्रत्येक क्षैतिज दूरी को माप कर सबको जोड़ लिया जाता है। आसानी तथा परिशुद्धता के लिये मापन कार्य ढाल के ऊपरी सिरे से निचले सिरे की ओर करना चाहिए। यह विधि असम ढाल के लिये उपयुक्त है।