Correct Answer:
Option B - जनजाति नेता सीताराम कंवर और रघुनाथ सिंह मंडलोई भिलाला अंग्रेज विरोधी क्रांति में 1857 में शामिल हुए थे। ये आदिवासी नायकों ने शोषण के खिलाफ मोर्चा लिया और अंग्रेजों से लड़ते हुए अपनी जान दे दी। उन्होंने भिलाला के तीन हजार क्रांतिकारियों का एक संगठित दल बनाकर होल्कर दरबार के घुड़सवार सैनिकों को लड़ने के लिए प्रेरित किया।
B. जनजाति नेता सीताराम कंवर और रघुनाथ सिंह मंडलोई भिलाला अंग्रेज विरोधी क्रांति में 1857 में शामिल हुए थे। ये आदिवासी नायकों ने शोषण के खिलाफ मोर्चा लिया और अंग्रेजों से लड़ते हुए अपनी जान दे दी। उन्होंने भिलाला के तीन हजार क्रांतिकारियों का एक संगठित दल बनाकर होल्कर दरबार के घुड़सवार सैनिकों को लड़ने के लिए प्रेरित किया।