Correct Answer:
Option C - धातु आच्छादित वायरिंग और टी.आर.एस. या पी.वी.सी. तार दोनों बैटन वायरिंग का प्रकार है। यह वायरिंग लकड़ी के बैटन (चपटी पट्टी) पर स्थापित की जाती है। इसे बैटन वायरिंग कहते हैं। वायरिंग की स्थापना के लिए दीवारों के छेनी व हथौड़ी से 2×2 सेमी आकार के 3–4 सेमी गहरे छिद्र बनाकर उनमें लकड़ी की गिल्लियाँ ठोकी जाती है।
C. धातु आच्छादित वायरिंग और टी.आर.एस. या पी.वी.सी. तार दोनों बैटन वायरिंग का प्रकार है। यह वायरिंग लकड़ी के बैटन (चपटी पट्टी) पर स्थापित की जाती है। इसे बैटन वायरिंग कहते हैं। वायरिंग की स्थापना के लिए दीवारों के छेनी व हथौड़ी से 2×2 सेमी आकार के 3–4 सेमी गहरे छिद्र बनाकर उनमें लकड़ी की गिल्लियाँ ठोकी जाती है।