Correct Answer:
Option B - मौलिक जाँच- मौलिक जाँच एक अंकेक्षण प्रक्रिया है जो वित्तीय विवरण एवं सहायक साक्ष्य से सम्बन्धित गलतियों का परीक्षण करता है। इस जाँच की आवश्यकता तब होती है जब साक्ष्य की जाँच करनी हो। यह वित्तीय विवरण का पूरी तरह से वैधानिक एवं सत्यता की जाँच है। यदि मौलिक जाँच में गलती एवं मिथ्यावर्णन हो जाता है तो अतिरिक्त जाँच की आवश्यकता होती है। कम्पनी के आन्तरिक अंकेक्षक इस जाँच को सही प्रस्तुत नहीं कर पाते तो वाह्य अंकेक्षक द्वारा मौलिक जाँच की जाती है।
B. मौलिक जाँच- मौलिक जाँच एक अंकेक्षण प्रक्रिया है जो वित्तीय विवरण एवं सहायक साक्ष्य से सम्बन्धित गलतियों का परीक्षण करता है। इस जाँच की आवश्यकता तब होती है जब साक्ष्य की जाँच करनी हो। यह वित्तीय विवरण का पूरी तरह से वैधानिक एवं सत्यता की जाँच है। यदि मौलिक जाँच में गलती एवं मिथ्यावर्णन हो जाता है तो अतिरिक्त जाँच की आवश्यकता होती है। कम्पनी के आन्तरिक अंकेक्षक इस जाँच को सही प्रस्तुत नहीं कर पाते तो वाह्य अंकेक्षक द्वारा मौलिक जाँच की जाती है।