Correct Answer:
Option D - पाइल नींव, जब निर्माण स्थल की मृदा बहुत कमजोर हो अथवा भूमितल के नीचे उपयुक्त गहरायी पर कोई सख्त चट्टान न हो अथवा भवन संरचना का भार बहुत अधिक होने पर या मृदा पिण्ड में गतिशीलता की सम्भावना हो, जैसे– Black Cotton Soil में या निर्माण स्थल की भूमि दलदली हो इत्यादि परिस्थितियों में पाइल नींव को अपनाया जाता है। इसे सामान्यत: डीजल संचालित हथौड़ा, ड्राप हथौड़ा तथा एकल कार्य (Single acting) हथौड़ा द्वारा भूमि के अन्दर आवश्यक गहराई तक धंसाया जाता है।
D. पाइल नींव, जब निर्माण स्थल की मृदा बहुत कमजोर हो अथवा भूमितल के नीचे उपयुक्त गहरायी पर कोई सख्त चट्टान न हो अथवा भवन संरचना का भार बहुत अधिक होने पर या मृदा पिण्ड में गतिशीलता की सम्भावना हो, जैसे– Black Cotton Soil में या निर्माण स्थल की भूमि दलदली हो इत्यादि परिस्थितियों में पाइल नींव को अपनाया जाता है। इसे सामान्यत: डीजल संचालित हथौड़ा, ड्राप हथौड़ा तथा एकल कार्य (Single acting) हथौड़ा द्वारा भूमि के अन्दर आवश्यक गहराई तक धंसाया जाता है।