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Q: What was the strength of the State Legislative Assembly of Madhya Pradesh in 1957 initially? 1957 के शुरुआत में मध्य प्रदेश की राज्य विधान सभा की शक्ति कितनी थी?
  • A. 288
  • B. 831
  • C. 321
  • D. 230
Correct Answer: Option A - वर्ष 1957 की शुरुआत में मध्यप्रदेश की विधान सभा की शक्ति (कुल सीटों की संख्या) 288 थी जिसे बाद मे बढ़ाकर 321कर दिया गया था जिसमें एक मनोनीत सदस्य भी शामिल था। एक नवम्बर वर्ष 2000 को मध्य प्रदेश से विभाजित होकर नये राज्य छत्तीसगढ़ के गठन के बाद मध्य प्रदेश की विधान सभा की सीटों की संख्या एक मनोनीत सदस्य सहित घटकर 230 रह गई है। वर्तमान में राज्यों के मनोनित सदस्यों की संख्या को 104वें संविधान संशोधन द्वारा रद्द कर दिया गया है। अत: मध्य प्रदेश की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या 230 रह गर्ई है।
A. वर्ष 1957 की शुरुआत में मध्यप्रदेश की विधान सभा की शक्ति (कुल सीटों की संख्या) 288 थी जिसे बाद मे बढ़ाकर 321कर दिया गया था जिसमें एक मनोनीत सदस्य भी शामिल था। एक नवम्बर वर्ष 2000 को मध्य प्रदेश से विभाजित होकर नये राज्य छत्तीसगढ़ के गठन के बाद मध्य प्रदेश की विधान सभा की सीटों की संख्या एक मनोनीत सदस्य सहित घटकर 230 रह गई है। वर्तमान में राज्यों के मनोनित सदस्यों की संख्या को 104वें संविधान संशोधन द्वारा रद्द कर दिया गया है। अत: मध्य प्रदेश की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या 230 रह गर्ई है।

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वर्ष 1957 की शुरुआत में मध्यप्रदेश की विधान सभा की शक्ति (कुल सीटों की संख्या) 288 थी जिसे बाद मे बढ़ाकर 321कर दिया गया था जिसमें एक मनोनीत सदस्य भी शामिल था। एक नवम्बर वर्ष 2000 को मध्य प्रदेश से विभाजित होकर नये राज्य छत्तीसगढ़ के गठन के बाद मध्य प्रदेश की विधान सभा की सीटों की संख्या एक मनोनीत सदस्य सहित घटकर 230 रह गई है। वर्तमान में राज्यों के मनोनित सदस्यों की संख्या को 104वें संविधान संशोधन द्वारा रद्द कर दिया गया है। अत: मध्य प्रदेश की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या 230 रह गर्ई है।