Correct Answer:
Option D - अगरिया जनजाति ‘लोहासुर’ को अपना देवता मानती है। ये मध्य प्रदेश के मण्डला, सीधी, शहडोल जिलों में पायी जाती है। संसार मेंं लोहा खोजने तथा उससे उपयोगी वस्तुएँ बनाने का श्रेय अगरिया जनजाति को जाता है। ये लोग दूल्हादेव, बूढादेव, ठाकुरदेव, लोहासुर की पूजा करते हैं। ये लोग करमा, शैला, विलमा आदि नृत्य करते हैं।
D. अगरिया जनजाति ‘लोहासुर’ को अपना देवता मानती है। ये मध्य प्रदेश के मण्डला, सीधी, शहडोल जिलों में पायी जाती है। संसार मेंं लोहा खोजने तथा उससे उपयोगी वस्तुएँ बनाने का श्रेय अगरिया जनजाति को जाता है। ये लोग दूल्हादेव, बूढादेव, ठाकुरदेव, लोहासुर की पूजा करते हैं। ये लोग करमा, शैला, विलमा आदि नृत्य करते हैं।