Correct Answer:
Option C - ग्लो प्लग दहन कक्ष में कसा हुआ होता है।
ग्लो प्लग– ठंडे मौसम में डीजल इंजन को स्टार्ट करने में मुश्किल आती है क्योंकि संपीडन के दौरान वायु का ताप डीजल के स्वत: प्रज्ज्वलन ताप तक नहीं पहुँच पाता है, अत: इस मुश्किल को दूर करने हेतु इंजन दहन कक्ष में ग्लो प्लग का प्रयोग किया जाता है। आजकल के सभी डीजल इंजनों में ग्लो–प्लग का प्रयोग किया जा रहा है। ग्लो प्लग के टिप का तापमान ईंधन के स्वत: प्रज्ज्वलन तापमान से उच्च होता है, संपीडन के अन्त में तेल की फुहार इंजैक्टर द्वारा सीधे चैम्बर में न डालकर ग्लो प्लग के टिप पर डाला जाता है जिसके फलस्वरूप ईंधन जलने लगता है।
C. ग्लो प्लग दहन कक्ष में कसा हुआ होता है।
ग्लो प्लग– ठंडे मौसम में डीजल इंजन को स्टार्ट करने में मुश्किल आती है क्योंकि संपीडन के दौरान वायु का ताप डीजल के स्वत: प्रज्ज्वलन ताप तक नहीं पहुँच पाता है, अत: इस मुश्किल को दूर करने हेतु इंजन दहन कक्ष में ग्लो प्लग का प्रयोग किया जाता है। आजकल के सभी डीजल इंजनों में ग्लो–प्लग का प्रयोग किया जा रहा है। ग्लो प्लग के टिप का तापमान ईंधन के स्वत: प्रज्ज्वलन तापमान से उच्च होता है, संपीडन के अन्त में तेल की फुहार इंजैक्टर द्वारा सीधे चैम्बर में न डालकर ग्लो प्लग के टिप पर डाला जाता है जिसके फलस्वरूप ईंधन जलने लगता है।