Correct Answer:
Option C - विरंजक चूर्ण के विरचन में क्लोरीन गैस की भूमिका यह होती है, कि यह शुष्क बुझे चुने के साथ अभिक्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाती हैं। जिसे कैल्सियम हाइपोक्लो राइट कहते हैं। क्लोरीन गैस (Cl₂ ) का उपयोग पीने के पानी की सफाई एवं कागज और कपड़ों को ब्लीच करने में होता है।
C. विरंजक चूर्ण के विरचन में क्लोरीन गैस की भूमिका यह होती है, कि यह शुष्क बुझे चुने के साथ अभिक्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाती हैं। जिसे कैल्सियम हाइपोक्लो राइट कहते हैं। क्लोरीन गैस (Cl₂ ) का उपयोग पीने के पानी की सफाई एवं कागज और कपड़ों को ब्लीच करने में होता है।