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Q: What is the role of chlorine gas in the preparation of bleaching powder?/विरंजक चूर्ण के विरचन में क्लोरीन गैस की क्या भूमिका होती है?
  • A. It is used as a catalyst for the reaction./इसका उपयोग अभिक्रिया के लिए उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है।
  • B. It is used to neutralise calcium hydroxide./इसका उपयोग वैâल्शियम हाइड्रॉक्साइड को उदासीन करने के लिए किया जाता है।
  • C. It reacts with dry slaked lime to form bleaching powder./यह शुष्क बुझे चूने के साथ अभिक्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाती हैं।
  • D. It reacts with water to produce hydrogen peroxide./यह जल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन परॉक्साइड उत्पन्न करती है।
Correct Answer: Option C - विरंजक चूर्ण के विरचन में क्लोरीन गैस की भूमिका यह होती है, कि यह शुष्क बुझे चुने के साथ अभिक्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाती हैं। जिसे कैल्सियम हाइपोक्लो राइट कहते हैं। क्लोरीन गैस (Cl₂ ) का उपयोग पीने के पानी की सफाई एवं कागज और कपड़ों को ब्लीच करने में होता है।
C. विरंजक चूर्ण के विरचन में क्लोरीन गैस की भूमिका यह होती है, कि यह शुष्क बुझे चुने के साथ अभिक्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाती हैं। जिसे कैल्सियम हाइपोक्लो राइट कहते हैं। क्लोरीन गैस (Cl₂ ) का उपयोग पीने के पानी की सफाई एवं कागज और कपड़ों को ब्लीच करने में होता है।

Explanations:

विरंजक चूर्ण के विरचन में क्लोरीन गैस की भूमिका यह होती है, कि यह शुष्क बुझे चुने के साथ अभिक्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाती हैं। जिसे कैल्सियम हाइपोक्लो राइट कहते हैं। क्लोरीन गैस (Cl₂ ) का उपयोग पीने के पानी की सफाई एवं कागज और कपड़ों को ब्लीच करने में होता है।