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Q: ‘‘स: पादेन खञ्ज: अस्ति।’’ वाक्य में ‘पादेन’ पद में तृतीया विभक्ति का विधायक सूत्र है–
  • A. रुच्यर्थानां प्रीयमाण:
  • B. येनाङ्गविकार:
  • C. अधिशीङ्स्थासां कर्म
  • D. अकथितं च
Correct Answer: Option B - ‘स: पादेन खञ्ज:’ वाक्य में पैर से लंगड़ा होने पर अङ्ग पैर के विकृत होने की दशा में सम्पूर्ण अङ्गी के लंगड़े होने का बोध होता है अत: यहाँ पर ‘येनाङ्गविकार:’ सूत्र से विकृत अङ्ग पाद में तृतीया विभक्ति हुई है।
B. ‘स: पादेन खञ्ज:’ वाक्य में पैर से लंगड़ा होने पर अङ्ग पैर के विकृत होने की दशा में सम्पूर्ण अङ्गी के लंगड़े होने का बोध होता है अत: यहाँ पर ‘येनाङ्गविकार:’ सूत्र से विकृत अङ्ग पाद में तृतीया विभक्ति हुई है।

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‘स: पादेन खञ्ज:’ वाक्य में पैर से लंगड़ा होने पर अङ्ग पैर के विकृत होने की दशा में सम्पूर्ण अङ्गी के लंगड़े होने का बोध होता है अत: यहाँ पर ‘येनाङ्गविकार:’ सूत्र से विकृत अङ्ग पाद में तृतीया विभक्ति हुई है।