Correct Answer:
Option A - गति भेद को समायोजित करने के लिए प्रयुक्त बफर को कैश कहते हैं। यह मेमोरी का ही एक भाग है, जिसे अस्थाई (Volatile) स्टोरेज के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें वैसे डेटा
रखे जाते है जिनकी बार-बार जरूरत होती है। इससे कम्प्यूटर की प्रोसेसिंग गति में वृद्धि होती है। वैâश कई स्तरों पर होता है। समान्यत: जिस कैश की बात की जाती है उसकी गति रैम से अधिक, प्रोसेसर से कम होती है। यह मेमोरी रेफरेंस की स्थिति (Locality of reference) के सिद्धांत पर कार्य करता है। इसका कार्य प्रोसेसर एवं रैम के मध्य एक पुल की भाँति कार्य करना है। ताकि दोनों की प्रोसेसिंग गति में अंतर को कम किया जा सके।
A. गति भेद को समायोजित करने के लिए प्रयुक्त बफर को कैश कहते हैं। यह मेमोरी का ही एक भाग है, जिसे अस्थाई (Volatile) स्टोरेज के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें वैसे डेटा
रखे जाते है जिनकी बार-बार जरूरत होती है। इससे कम्प्यूटर की प्रोसेसिंग गति में वृद्धि होती है। वैâश कई स्तरों पर होता है। समान्यत: जिस कैश की बात की जाती है उसकी गति रैम से अधिक, प्रोसेसर से कम होती है। यह मेमोरी रेफरेंस की स्थिति (Locality of reference) के सिद्धांत पर कार्य करता है। इसका कार्य प्रोसेसर एवं रैम के मध्य एक पुल की भाँति कार्य करना है। ताकि दोनों की प्रोसेसिंग गति में अंतर को कम किया जा सके।