Correct Answer:
Option D - : ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले विभिन्न पदार्थों के उत्पादन तथा उपभोग पर नियंत्रण के उद्देश्य के लिए विश्व के कई देशों ने 16 सितंबर, 1987 को मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए थे तथा यह 1 जनवरी, 1989 से प्रभावी रूप से कार्य करने लगा।
क्योटो प्रोटोकॉल-ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती से संबंधित है।
मैड्रिड प्रोटोकॉल- मैड्रिड प्रणाली या मैड्रिड प्रोटोकॉल, ट्रेडमार्क मालिकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने टे्रडमार्क पोर्टफोलियो की सुरक्षा और प्रबंधन के लिए एक लागत प्रभावी, उपयोगकर्ता के अनुकूल और सुव्यवस्थित साधन प्रदान करता है।
EMEP प्रोटोकॉल-वायु प्रदूषण की रोकथाम (यूरोप के संबंध में)
D. : ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले विभिन्न पदार्थों के उत्पादन तथा उपभोग पर नियंत्रण के उद्देश्य के लिए विश्व के कई देशों ने 16 सितंबर, 1987 को मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए थे तथा यह 1 जनवरी, 1989 से प्रभावी रूप से कार्य करने लगा।
क्योटो प्रोटोकॉल-ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती से संबंधित है।
मैड्रिड प्रोटोकॉल- मैड्रिड प्रणाली या मैड्रिड प्रोटोकॉल, ट्रेडमार्क मालिकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने टे्रडमार्क पोर्टफोलियो की सुरक्षा और प्रबंधन के लिए एक लागत प्रभावी, उपयोगकर्ता के अनुकूल और सुव्यवस्थित साधन प्रदान करता है।
EMEP प्रोटोकॉल-वायु प्रदूषण की रोकथाम (यूरोप के संबंध में)