search
Q: What is the limitation of Trial Balance? परीक्षण संतुलन की सीमा क्या है?
  • A. Trial Balance only confirms that the total of all debit balances match the total of all credit balances./ट्रायल बैलेंस केवल पुष्टि करता है कि सभी डेबिट शेष राशि कुल क्रेडिट शेष राशि से मेल खाती हैं
  • B. Trial balance gives no proof that certain transactions have not been recorded at all./परीक्षण संतुलन कोई सबूत नहीं देता है कि कुछ लेनदेन सभी पर दर्ज नहीं किया गया है।
  • C. Trial balance totals may agree in spite of errors./त्रुटियों के बावजूद परीक्षण शेष राशि सहमत हो सकती है।
  • D. All of these/सभी विकल्प
Correct Answer: Option D - परीक्षण संतुलन की सीमा– (1) दोहरा लेखा प्रणाली के नियमों के पालन की जाँच करना। (2) खातों के अंकगणितीय शुद्धता की जाँच करना। (3) अन्तिम खाते बनाने में सुविधा प्रदान करना। (4) तुलनात्मक अध्ययन में सहायता करना। (5) तलपट में प्रकट होने वाली अशुद्धियाँ–बहियों का अशुद्ध योग लगाना, खतौनी में अशुद्धि, गलत पक्ष में खतौनी, खातों के योग एवं शेष निकालने में अशुद्धियाँ, तलपट में किसी खाते का छूट जाना। (6) तलपट से प्रकट न होने वाली अशुद्धियाँ– (I) भूल की अशुद्धियाँ (I) सहायक बहियों की अशुद्धियाँ (I) सैद्धान्तिक अशुद्धियाँ (I) क्षतिपूरक अशुद्धियाँ
D. परीक्षण संतुलन की सीमा– (1) दोहरा लेखा प्रणाली के नियमों के पालन की जाँच करना। (2) खातों के अंकगणितीय शुद्धता की जाँच करना। (3) अन्तिम खाते बनाने में सुविधा प्रदान करना। (4) तुलनात्मक अध्ययन में सहायता करना। (5) तलपट में प्रकट होने वाली अशुद्धियाँ–बहियों का अशुद्ध योग लगाना, खतौनी में अशुद्धि, गलत पक्ष में खतौनी, खातों के योग एवं शेष निकालने में अशुद्धियाँ, तलपट में किसी खाते का छूट जाना। (6) तलपट से प्रकट न होने वाली अशुद्धियाँ– (I) भूल की अशुद्धियाँ (I) सहायक बहियों की अशुद्धियाँ (I) सैद्धान्तिक अशुद्धियाँ (I) क्षतिपूरक अशुद्धियाँ

Explanations:

परीक्षण संतुलन की सीमा– (1) दोहरा लेखा प्रणाली के नियमों के पालन की जाँच करना। (2) खातों के अंकगणितीय शुद्धता की जाँच करना। (3) अन्तिम खाते बनाने में सुविधा प्रदान करना। (4) तुलनात्मक अध्ययन में सहायता करना। (5) तलपट में प्रकट होने वाली अशुद्धियाँ–बहियों का अशुद्ध योग लगाना, खतौनी में अशुद्धि, गलत पक्ष में खतौनी, खातों के योग एवं शेष निकालने में अशुद्धियाँ, तलपट में किसी खाते का छूट जाना। (6) तलपट से प्रकट न होने वाली अशुद्धियाँ– (I) भूल की अशुद्धियाँ (I) सहायक बहियों की अशुद्धियाँ (I) सैद्धान्तिक अशुद्धियाँ (I) क्षतिपूरक अशुद्धियाँ