Correct Answer:
Option D - यांत्रिक ऊतकों की अनुपस्थिति और वायूतक (Aerenchyma) की उपस्थिति किसी पादप को जलोद्भिद बनाते हैं। यांत्रिक ऊतकों की अनुपस्थिति जलोद्भिद पौधों को जल में तैरने और विकसित होने में मदद करती है।
एरेंकाइमा (वायूतक) की उपस्थिति जलोद्भिद पौधों में निम्नलिखित कार्य करती है –
जल में तैरने में मदद, वायु संचार में मदद, प्रकाश संश्लेषण में मदद एवं जल में पोषण अवशोषण में मदद करती है। अत: एरेकाइमा की उपस्थिति जलोद्भिद पौधों को जल में जीवित रहने और विकसित होने के मदद करती है और उन्हें जलीय परिस्थितियों में जीवित रहने के लिए अनुकूल बनाती है।
सुविकसित संवहन तंत्र की उपस्थिति किसी पादप को जलोद्भिद नहीं बनाती बल्कि यह एक पौधे को जलीय परिस्थितियों के बाहर जीवित रहने में मदद करती है। पेड़, झाडि़याँ, घास एवं फूलदार पौधे में सुविकसित संवहन तंत्र की उपस्थिति पायी जाती है।
D. यांत्रिक ऊतकों की अनुपस्थिति और वायूतक (Aerenchyma) की उपस्थिति किसी पादप को जलोद्भिद बनाते हैं। यांत्रिक ऊतकों की अनुपस्थिति जलोद्भिद पौधों को जल में तैरने और विकसित होने में मदद करती है।
एरेंकाइमा (वायूतक) की उपस्थिति जलोद्भिद पौधों में निम्नलिखित कार्य करती है –
जल में तैरने में मदद, वायु संचार में मदद, प्रकाश संश्लेषण में मदद एवं जल में पोषण अवशोषण में मदद करती है। अत: एरेकाइमा की उपस्थिति जलोद्भिद पौधों को जल में जीवित रहने और विकसित होने के मदद करती है और उन्हें जलीय परिस्थितियों में जीवित रहने के लिए अनुकूल बनाती है।
सुविकसित संवहन तंत्र की उपस्थिति किसी पादप को जलोद्भिद नहीं बनाती बल्कि यह एक पौधे को जलीय परिस्थितियों के बाहर जीवित रहने में मदद करती है। पेड़, झाडि़याँ, घास एवं फूलदार पौधे में सुविकसित संवहन तंत्र की उपस्थिति पायी जाती है।