Correct Answer:
Option A - शलभासन के विषय में यह तीनों (I) (II) (III) सही है। शलभ का अर्थ ‘टिड्डी’ होता है। इस आसन की अंतिम मुद्रा में शरीर टिड्डी जैसा लगता है। इसलिए इसे इस नाम से जाना जाता है। यह कमर एवं पीठ दर्द के लिए बहुत लाभकारी आसन है। इसके नियमित अभ्यास से कमर दर्द पर बहुत हद तक काबू पा सकते हैं। इस आसन द्वारा पाचन क्रिया में सुधार होता है, यह ट्यूमर को भी ठीक करता है। कमर दर्द के लिए, फेफड़े के रोगों को ठीक करने के लिए शलभासन किया जाता है।
A. शलभासन के विषय में यह तीनों (I) (II) (III) सही है। शलभ का अर्थ ‘टिड्डी’ होता है। इस आसन की अंतिम मुद्रा में शरीर टिड्डी जैसा लगता है। इसलिए इसे इस नाम से जाना जाता है। यह कमर एवं पीठ दर्द के लिए बहुत लाभकारी आसन है। इसके नियमित अभ्यास से कमर दर्द पर बहुत हद तक काबू पा सकते हैं। इस आसन द्वारा पाचन क्रिया में सुधार होता है, यह ट्यूमर को भी ठीक करता है। कमर दर्द के लिए, फेफड़े के रोगों को ठीक करने के लिए शलभासन किया जाता है।