Correct Answer:
Option D - किसी पिंड का भार (w) उसके द्रव्यमान (m) तथा गुरूत्वीय त्वरण (g) के गुणनफल के बराबर होता है।
अर्थात् w = mg
g का मान भूमध्य रेखा पर सबसे कम तथा ध्रुवों पर सबसे अधिक होता है। जिस कारण पिंड का भार ध्रुवों पर अधिक व भूमध्य रेखा पर कम होता है।
D. किसी पिंड का भार (w) उसके द्रव्यमान (m) तथा गुरूत्वीय त्वरण (g) के गुणनफल के बराबर होता है।
अर्थात् w = mg
g का मान भूमध्य रेखा पर सबसे कम तथा ध्रुवों पर सबसे अधिक होता है। जिस कारण पिंड का भार ध्रुवों पर अधिक व भूमध्य रेखा पर कम होता है।